दिल्ली में फिर बदलेगा मौसम, 2 दिन और बारिश होगी; आ रहा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस

Subodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share

राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में मंगलवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। राजधानी में दोपहर बाद घने बादल और बिजली कड़कने के साथ मौसम बदल गया। दिन में ही लोग गाड़ियों की लाइट जलाकर चलाते हुए देखे गए। मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में फिर से बदलाव संभव है।

दिल्ली में फिर बदलेगा मौसम, 2 दिन और बारिश होगी; आ रहा नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस

राजधानी के कई हिस्सों में मंगलवार को हल्की बारिश दर्ज की गई। राजधानी में दोपहर बाद घने बादल और बिजली कड़कने के साथ मौसम बदल गया। दिन में ही लोग गाड़ियों की लाइट जलाकर चलाते हुए देखे गए। मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में फिर से बदलाव संभव है।

मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया था लेकिन मौसम में बदलाव को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया। हालांकि, बाद में फिर यलो अलर्ट जारी किया। सोमवार की अपेक्षा मंगलवार को अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। मंगलवार का तापमान भी सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

राजधानी के हिस्सों में एक मिमी से चार मिमी तक बारिश दर्ज की गई। बारिश होने के कारण तापमान में कोई विशेष कमी नहीं दर्ज की गई। कई स्थानों पर तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। राजधानी के कई इलाकों में उत्तर पश्चिमी दिशा से 20 से 30 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सतही हवा चली। कई स्थानों पर हवा की गति 41 किलो मीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई।

मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में बदलाव संभव है। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को भी गरज चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना जताई है।

सामान्य से अधिक तापमान

मंगलवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था जबकि न्यूनतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और यह सामान्य से 1.3 डिग्री सेल्सियस अधिक था। पालम और लोधी रोड में भी तापमान 33 डिग्री के आसपास दर्ज हुआ। जबकि अधिकांश जगहों पर न्यूनतम तापमान 18 से 19.6 डिग्री के बीच रहा। मंगलवार को सफदरजंग में 4.8 मिमी, पूसा में 8.5 मिमी, जनकपुरी में 4.5 मिमी,पीतमपुरा में 3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

'मीडियम' कैटेगरी में रहा AQI

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, हवा की क्वालिटी 'मीडियम' कैटेगरी में रही, जिसका AQI 171 था। अनुमान लगाया है कि 1 अप्रैल से 3 अप्रैल तक हवा की क्वालिटी 'मीडियम' कैटेगरी में ही रहने की संभावना है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के एक विश्लेषण के अनुसार, 30 मार्च तक औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 181 रहा, जो 2022 के बाद से सबसे ज्यादा है। 2022 में यह 217 था।

अप्रैल-जून के बीच राहत के आसार

इस बार देश के अधिकांश हिस्सों में अप्रैल-जून के बीच भीषण गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। देश के पूर्वी हिस्से और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों को छोड़कर शेष भारत में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे रहेगा। मौसम विभाग ने मंगलवार को आगामी तीन महीने के तापमान का पूर्वानुमान जारी किया।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।