दिल्ली मौसमः आज से लू चलेगी, 44 डिग्री तक पहुंचेगा पारा; येलो अलर्ट के साथ IMD की क्या सलाह
दिल्ली में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज से तीन दिन लू चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।

Delhi weather update: दिल्ली में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज से तीन दिन लू चलने की संभावना है। इस दौरान तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
लू की आंशक को देखते हुए आईएमडी ने मंगलवार के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया था, लेकिन उसको वापस ले लिया गया था। मंगलवार को अधिकतम तापमान सोमवार की अपेक्षा कम दर्ज किया गया। हालांकि, यह सामान्य से फिर भी अधिक था।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले पांच दिनों के दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि के कारण कुछ इलाकों में लू चलने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।
वहीं, 23 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 42 से 44 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है, जिससे गर्मी और अधिक तीव्र होगी। इन दिनों भी लू की स्थिति बनी रह सकती है और आसमान साफ रहेगा। 25 और 26 अप्रैल को भी गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं, हालांकि आंशिक बादल छाने की संभावना है। अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री के बीच बना रहेगा।
पिछले 24 घंटों में दिल्ली में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। न्यूनतम तापमान 19-22 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 39-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। दिल्ली में पश्चिमी दिशा से 15-20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिनकी गति 37 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई।
मंगलवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, यह सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री दर्ज किया गया और यह सामान्य से 2.2 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। बुधवार से तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है।
आईएमडी ने दिए सुझाव
आम जनता के लिए गर्मी सहनीय है, लेकिन शिशुओं, वृद्धजनों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों जैसे संवेदनशील व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी मध्यम चिंता का विषय है। इस दौरान हल्के रंग के और सूती कपड़े पहनें, कपड़े, टोपी या छाते का उपयोग करें। अपने घरों और वाहनों में अग्निशामक यंत्र रखें।
'मध्यम' श्रेणी में रहा AQI
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली की हवा की गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में बनी रही, जिसका एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 177 था। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0-50 का AQI 'अच्छा', 51-100 'संतोषजनक', 101-200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' माना जाता है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


