दिल्ली मौसमः सीजन का सबसे गर्म दिन रहा बुधवार, किस दिन होगी बारिश; IMD ने बताया
राजधानी दिल्ली में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज धूप के चलते बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। यह इस सीजन का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। अगले दो दिन भी दिल्ली में ऐसी ही गर्मी के आसार हैं।

राजधानी दिल्ली में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज धूप के चलते बुधवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। यह इस सीजन का सबसे ज्यादा गर्म दिन रहा। अगले दो दिन भी दिल्ली में ऐसी ही गर्मी के आसार हैं।
दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हवा की गति पांच से 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने के आसार हैं।
मौसम में दिखेगा बदलाव
लंबे समय से गर्म मौसम का सामना करने वाले दिल्ली के लोगों को अगले दो दिन भी गर्म मौसम का सामना करना पड़ेगा। शनिवार के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
5 इलाकों में एक्यूआई का स्तर 300 के पार
राजधानी के लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिलती नहीं दिख रही है। पिछले पांच दिनों से दिल्ली की हवा लगातार खराब श्रेणी में बनी हुई है। बुधवार को दिल्ली के पांच इलाकों का सूचकांक 300 से ऊपर यानी बहुत खराब श्रेणी में रहा। दिल्ली में आमतौर पर मार्च के महीने में गर्म मौसम की शुरुआत के साथ ही लोगों को प्रदूषित हवा से राहत मिल जाती है। मार्च के शुरुआती दिनों में ऐसा हुआ भी। लेकिन अब प्रदूषण बढ़ने लगा है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


