दिल्ली में आज से फिर बदलेगा मौसम, 3 दिन बारिश के आसार; 50 की स्पीड से हवा भी चलेगी
दिल्ली-एनसीआर में आज यानी बुधवार से मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 18 से 20 मार्च के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में आज यानी बुधवार से मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 18 से 20 मार्च के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। राजधानी में मंगलवार को मौसम सामान्य के आसपास बना रहा और दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
2 दिन के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 19 और 20 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन दिनों सुबह और शाम के समय हल्की बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। साथ ही 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसकी गति कुछ समय के लिए 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे
इन दिनों में अचानक मौसम बदलाव से तापमान में गिरावट भी दर्ज की जा सकती है। राजधानी में मंगलवार को मौसम सामान्य के आसपास बना रहा और दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 3.3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 0.7 डिग्री कम दर्ज किया गया। कई दिनों बाद न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने बुधवार को सामान्य रूप से बादल छाए रहने की संभावना व्यक्त की है। अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।
एक्यूआई'मध्यम' श्रेणी में रहा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में दर्ज की गई। औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 139 रहा। सीपीसीबी के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'अत्यंत खराब' और 401 से 500 को 'गंभीर' माना जाता है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


