दिल्ली में गर्मी ने पकड़ी रफ्तार, हवा भी ‘खराब’ श्रेणी में; कैसा रहेगा अगले 7 दिन का मौसम
राजधानी दिल्ली में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। इस दौरान एक दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इस बीच शुक्रवार को एक्यूआई 210 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में है।

राजधानी दिल्ली में गर्मी ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी जारी रहने की संभावना है। इस दौरान एक दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। इस बीच शुक्रवार को एक्यूआई 210 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में है।
दिल्ली में अगले छह दिनों में न्यूनतम तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है और सामान्य से 1.6 से 5 डिग्री तक अधिक रहने की आशंका है। 23 फरवरी को आंशिक बादल छा सकते हैं, अन्य दिनों में आसमान साफ रहेगा। सुबह हल्का कुहासा बना रह सकता है।
शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक) और न्यूनतम 12.8 डिग्री (1 डिग्री अधिक) दर्ज हुआ। नमी का स्तर 40 से 100 फीसदी के बीच रहा। शनिवार को अधिकतम 28-30 और न्यूनतम 12-14 डिग्री रहने का अनुमान है।
प्रदूषण के स्तर दर्ज की गई बढोतरी
राजधानी में लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक सुबह एक्यूआई 210 दर्ज हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में है। पीएम10 169.3 और पीएम2.5 87 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रहा। राजधानी की हवा अभी भी अस्वास्थ्यकर बनी हुई है।
काटे गए पेड़ के बदले पांच पौधे लगाए जाएं
इस बीच, प्रदूषण से जूझ रहे दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुधारने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ग्रीन कवर बढ़ाना सबसे प्रभावी और दीर्घकालिक उपाय है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली रिज क्षेत्र में पेड़ों की कटाई से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की।
अदालत ने छतरपुर के पास दक्षिणी रिज में सड़क चौड़ीकरण की अनुमति देते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक काटे गए पेड़ के बदले पांच पौधे लगाए जाएं। यह शर्त मई 2025 में 1.62 लाख पौधे लगाने के पूर्व आदेश के अतिरिक्त होगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


