Delhi Weather Today: छिटपुट बारिश के बीच रहेगा बादलों का डेरा, अगले हफ्ते में कैसा मौसम
Delhi Weather Today: दिल्ली में बारिश की गतिविधियां रुकते ही तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को तापमान में दो से पांच डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को दिनभर बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बारिश की संभावना है।

Delhi Weather Today: दिल्ली में शनिवार को हल्की बारिश की भविष्यवाणी के बीच शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम और एक दिन पहले की तुलना में 0.8 डिग्री ज्यादा था। पालम में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड पर 26.2 डिग्री सेल्सियस तथा रिज और आयानगर में क्रमशः 23.5 डिग्री और 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शनिवार के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि पूरे दिन छिटपुट बारिश होने और आसमान में बादल छाए रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि दिन के शुरुआती घंटों में गरज और बिजली के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है।
अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होगी
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। आने वाले हफ्ते में बारिश का कोई अनुमान नहीं है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, शनिवार को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है और इसके 36-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
अच्छी बारिश के लिए इंतजार करना पड़ेगा
दिल्ली के लोगों को अब अच्छी बारिश के लिए इंतजार करना पड़ेगा। राजधानी के लगभग सभी हिस्से को सराबोर करने के बाद अब मानसून रेखा ऊपर की ओर खिसक गई है। इसके चलते अगले सात दिनों तक अच्छी बारिश होने के आसार नहीं है। दिल्ली में पिछले तीन दिनों से लगातार अच्छी बारिश का दौर बना हुआ था। दिनभर बादल छाने और पानी बरसने से लोगों को उमस और गर्मी से खासी राहत मिली।
स्काईमेट के विज्ञानी महेश पालावत बताते हैं कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और अन्य हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना नहीं है। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी भले हो सकती है और बादल छाए रह सकते हैं।
हवा की दिशा में भी बदलाव
मानसून रेखा के दूर होने के साथ ही दिल्ली में हवा की दिशा में भी बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार को दिल्ली में हवा की दिशा मुख्य तौर पर पश्चिमी रही। अगले कुछ दिनों के दौरान भी हवा की दिशा दक्षिणी पश्चिमी रहने की संभावना है। अभी तक मुख्य तौर पर हवा की दिशा पूर्वी रही थी, जो अपने साथ नमी ला रही थी।
संतोषजनक श्रेणी में रहा AQI
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) संतोषजनक श्रेणी में रहा। सुबह 9 बजे यह 91 (संतोषजनक) दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत AQI 65 (संतोषजनक) था। सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, 0-50 का AQI 'अच्छा', 51-100 'संतोषजनक', 101-200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' माना जाता है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


