दिल्ली में 4 दिन कूल-कूल रहेगा मौसम, मॉनसून को लेकर भी आया नया अपडेट
राजधानी में रविवार तक गर्मी से राहत के आसार। मौसम विभाग का अनुमान है कि दिल्ली में चार दिनों तक बादल-बूंदाबांदी और तेज हवा चलने का दौर जारी रहेगा। हालांकि, इस बार मॉनसून कमजोर रह सकता है। दिल्ली में बुधवार को एक्यूआई 92 के अंक पर रहा।

दिल्लीवालों को अगले 4 दिनों तक तेज गर्मी से राहत रहेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार तक बादलों की आवाजाही, बूंदाबांदी और तेज हवा का दौर जारी रहेगा। इसके चलते आमतौर पर तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। इस बीच, बुधवार को दिनभर धूप के चलते अधिकतम तापमान में 4.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद अभी तापमान सामान्य से नीचे है।
दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मंगलवार की तुलना में अधिकतम तापमान में 4.8 डिग्री की वृद्धि हुई है। अभी यह सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से 3.7 डिग्री सेल्सियस कम है। यहां पर आर्द्रता का स्तर 35 से 85 फीसदी तक रहा।
धूल भरी आंधी चलने की संभावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि अभी दिल्ली में हल्की बूंदाबांदी, बादलों की आवजाही और तेज हवा का क्रम बना रहेगा। गुरुवार को अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। इस बीच में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज धूल भरी हवा चल सकती हैं। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होने के भी आसार हैं। कमोबेश इसी तरह का मौसम रविवार तक बना रह सकता है।
हवा साफ-सुथरी
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 92 के अंक पर रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शून्य से 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' माना जाता है।
देश में 34वीं बार सूखा रहा जून का पहला पखवाड़ा
भारत में मॉनसून के कारण चार महीनों में 75% बारिश होती है। इस बार अल नीनो की वजह से मॉनसून के कमजोर रहने की आशंका है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बारिश की कमी घटने के बजाय और बढ़ गई है। एक जून से 16 जून के बीच सिर्फ 50.3 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 1901 के बाद से 34वीं सबसे कम बारिश है। अभिषेक झा की रिपोर्ट...
122 दिन रहता है मॉनसून
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून का सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक चलता है। इस 122 दिनों की अवधि के शुरुआती 16 दिन अब बीत चुके हैं। जून में अब तक हुई बारिश 1971-2020 की अवधि के औसत से 27.1 फीसदी कम है। यानी जून की बारिश में अब तक सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। मौसम विभाग वर्तमान में बारिश के प्रदर्शन को मापने के लिए 1971-2020 की वर्षा को लॉन्ग पीरियड एवरेज मानता है।
समय पर मॉनसून आने के बाद भी सामान्य बारिश से अंतर बढ़ा
केरल में मॉनसून के समय पर आने से भी जून की बारिश की कमी को कम करने में कोई मदद नहीं मिली। 1 जून को राष्ट्रीय स्तर पर बारिश की कमी 27 फीसदी थी, जो घटकर 5 जून तक 4.1 फीसदी पर आ गई थी। अंतर बढ़कर 27 फीसदी हो गया है, क्योंकि 5 जून को छोड़कर बारिश नीचे रही है।
पश्चिमी शाखा महाराष्ट्र के दक्षिणी छोर पर अटकी
15 जून तक मॉनसून को दक्षिण-पश्चिम दिशा से महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के दक्षिणी हिस्से, ओडिशा को कवर कर लेना चाहिए था। धीमी रफ्तार एक बड़ा कारण यह है कि 8 जून से मॉनसून की पश्चिमी शाखा महाराष्ट्र के दक्षिणी छोर पर अटकी हुई है। जिन जगहों पर मॉनसून पहुंच चुका है, वहां भी बारिश कम है।
महाराष्ट्र-गुजरात में कमी
देश के बड़े हिस्से जून में बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात और ओडिशा बारिश कम होने के मामले में राष्ट्रीय कमी में सबसे बड़ा योगदान दे रहे हैं।


