दिल्ली मौसमः बारिश, बादल और हवाओं ने घोली ठंड, AQI भी 100 से नीचे; आने वाले दिनों का क्या हाल
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में आज मौसम साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच और न्यूनतम 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। अगले 5-6 दिनों में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। बारिश, बादल और हवाओं ने बुधवार को ठंड का अहसास कराया।

मौसम विभाग के अनुसार राजधानी दिल्ली में आज मौसम साफ रहेगा। अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री के बीच और न्यूनतम 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इससे पहले बारिश, बादल और हवाओं के चलते बुधवार का दिन राजधानी में अप्रैल का दस सालों में सबसे ठंडा दिन रहा। इससे पहले वर्ष 2016 में अप्रैल के किसी दिन अधिकतम तापमान में इससे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई थी।
मौसम विभाग के अनुसार, आज से मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि, शुक्रवार और शनिवार को 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। अगले 5-6 दिनों में अधिकतम तापमान में 6 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में बुधवार सुबह से ही बादल छाए रहे। दिन चढ़ने के साथ ही बादल साफ हो गए और धूप निकल आई। हालांकि, दोपहर को फिर से बादल छाने लगे। दिल्ली में मंगलवार को कई जगहों पर हल्की बारिश हुई थी। रात के समय भी तेज हवा के साथ बारिश का आलम बना रहा। इसके चलते तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई है।
दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में दिन का अधिकतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य से 6.9 डिग्री सेल्सियस कम है। अप्रैल महीने के लिए यह बीते दस सालों में सबसे कम अधिकतम तापमान है। मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि इससे पहले वर्ष 2016 की 23 अप्रैल को 27.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया था। राजधानी में बुधवार का दिन इस साल का दूसरा सबसे साफ-सुथरी हवा वाला दिन रहा। तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते दिल्ली की हवा में घुले प्रदूषक कण काफी हद तक साफ हो गए हैं।
100 से नीचे पहुंचा AQI
दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक बुधवार को 93 अंक पर रहा। इस साल में यह दूसरा मौका है, जब सूचकांक 100 से नीचे आया हो। दिल्ली के लोगों को इस बार जनवरी और फरवरी में सामान्य से ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ा था। मार्च में स्थिति मिली जुली रही। अप्रैल में हवा की गुणवत्ता काफी हद तक साफ हो गई। दिल्ली समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में सोमवार और मंगलवार को हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं का दौर रहा है। इसके चलते दिल्ली की वायु गुणवत्ता में खासा सुधार हुआ है।
चार दिनों का AQI
8 अप्रैल 93
7 अप्रैल 114
6 अप्रैल 136
5 अप्रैल 134
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


