दिल्ली में तेजी से बढ़ रही गर्मी, होली पर कैसा रहेगा मौसम; IMD का क्या अनुमान
दिल्ली में फरवरी का महीना इस बार सामान्य से गर्म रहा है। मार्च के महीने में भी मौसम का यह रुख बने रहने की संभावना है। रविवार की सुबह से ही तेज धूप रही। इसके चलते अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आइए जानते हैं होली के दिन यानी 4 मार्च को मौसम कैसा रहेगा।

दिल्ली में फरवरी का महीना इस बार सामान्य से गर्म रहा है। मार्च के महीने में भी मौसम का यह रुख बने रहने की संभावना है। रविवार की सुबह से ही तेज धूप रही। इसके चलते अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। आइए जानते हैं होली के दिन यानी 4 मार्च को मौसम कैसा रहेगा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि होली के दिन यानी 4 मार्च को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35 डिग्री या इसके पार पहुंच सकता है। इस बीच, रविवार को दिल्ली की मानक वेधशाला सफदरजंग में अधिकतम और न्यूनतम दोनों ही तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किए गए।
दिल्ली में फरवरी का महीना इस बार सामान्य से गर्म रहा है। मार्च के महीने में भी मौसम का यह रुख बने रहने की संभावना है। रविवार की सुबह से ही तेज धूप रही। इसके चलते अधिकतम तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
सफदरजंग मौसम केन्द्र में रविवार को अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 4.6 डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री रहा। यह सामान्य से 2.9 डिग्री ज्यादा है। अगले तीन दिन हवा की गति 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। सोमवार को अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री तक रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान 14 से 16 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।
साफ-सुथरी बनी है हवा
हवा की गति बढ़ने से दिल्ली के लोगों को प्रदूषित हवा से खासी राहत मिली है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक रविवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 191 के अंक पर रहा। एक दिन पहले शनिवार को यह सूचकांक 248 के अंक पर रहा था।
इस बार पिछले साल से दस दिन पहले होली
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार दस दिन पहले होली होगी। इसके बावजूद मौसम पिछले साल जैसा ही गर्म रहने की संभावना है। मौसम विभाग के आंकड़े बताते हैं कि पिछले वर्ष होली के दिन यानी 14 मार्च को अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री रहा था। इस बार भी होली के दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।



