दिल्ली में मॉनसून आया झूमके, अगले 3 दिन बारिश के लिए रहें तैयार; आज फिर येलो अलर्ट
राजधानी दिल्ली में मॉनसून की दस्तक के बीच मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले तीन दिन बारिश के आसार जताए हैं। गुरुवार को हुई झमाझम बारिश के चलते लोगों को भीषण गर्मी और उमस से कुछ हद तक राहत मिली है।

दिल्ली में गुरुवार को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने दस्तक दे दी। मॉनसून के आगमन के बाद राजधानी के विभिन्न हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। साथ ही अगले तीन दिन बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बार मॉनसून दिल्ली में अपनी सामान्य आगमन तिथि 27 जून की तुलना में पांच दिन की देरी से पहुंचा है। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि 2021 के बाद यह पहली बार है जब मॉनसून ने जुलाई में दस्तक दी है। 2021 में मॉनसून 13 जुलाई को यहां पहुंचा था।
आईएमडी ने राजधानी को गुरुवार को येलो अलर्ट जारी किया था। शुक्रवार के लिए भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
राजधानी में हुई बारिश के बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। गुरुवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया यह सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस कम था, जबकि न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया यह सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस कम था। राजधानी में नमी का अधिकतम स्तर 95 फीसद तथा न्यूनतम स्तर 61 फीसद दर्ज किया गया।
आने वाले दिनों में दो से तीन डिग्री तक गिरेगा पारा
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार, शनिवार और रविवार को भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। सुबह के समय राजधानी के कई इलाकों में हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हुई और दिल्लीवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, 8 जुलाई तक राजधानी का अधिकतम तापमान 33 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। आने वाले दो दिनों में इसमे 2 से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी।
हवा में भी सुधार
गुरुवार को तेज हवाओं के साथ आई बारिश से राजधानी की वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) में भी सुधार देखने को मिला। सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 से 100 को 'संतोषजनक', 101 से 200 को 'मध्यम', 201 से 300 को 'खराब', 301 से 400 को 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच को 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को हुई बारिश के बाद हालांकि तापमान में जरूर कमी आई है, लेकिन उमस अब भी बरकरार है। हालांकि मौसम विभाग ने उम्मीद जताई है कि मॉनसून की दस्तक से दिल्ली में भीषण गर्मी वाला दौर अब दोबारा नहीं लौटेगा।
निजी मौसम पूर्वानुमान सेवा 'स्काईमेट वेदर' के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा कि मौसमी मॉनसून-पूर्व कम दबाव क्षेत्र इस समय पंजाब से लेकर उत्तरी बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है, जबकि मॉनसून उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ज्यादातर इलाकों, लद्दाख और मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों में पहले ही पहुंच चुका है।


