
दिल्ली में सुबह के वक्त स्मॉग, हल्का कोहरा छाने के आसार, हवा की सुस्त रफ्तार से AQI बढ़ा
Delhi Weather : दिल्ली में सर्दी बढ़ने के साथ ही एक बार फिर से स्मॉग और हल्के कोहरे की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार से सुबह के समय हल्का कोहरा और स्मॉग देखने को मिल सकता है। इस बीच अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट का रुख बना रहेगा।
राजधानी दिल्ली में सर्दी बढ़ने के साथ ही एक बार फिर से स्मॉग और हल्के कोहरे की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार से सुबह के समय हल्का कोहरा और स्मॉग देखने को मिल सकता है। इस बीच अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट का रुख बना रहेगा। वहीं दिल्ली के लोगों को खराब हवा से अभी राहत मिलती नहीं दिख रही है। हवा की रफ्तार कम होने और तापमान में गिरावट के चलते प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार से सुबह के समय हल्का कोहरा और स्मॉग छाया रह सकता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री के बीच रहने के आसार हैं।
दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में शुक्रवार की सुबह से धूप निकली। दिन चढ़ने के साथ ही धूप तेज होती चली गई। इसके बावजूद उच्च हिमालयी क्षेत्रों से आ रही हवाओं के कारण तापमान सामान्य से नीचे रहा। दिल्ली के सफदरजंग मौसम केन्द्र में दिन का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य से 0.9 डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस कम है। यहां पर आर्द्रता का स्तर 34 से 83 फीसदी तक रहा।
हवा की सुस्त रफ्तार ने प्रदूषण का स्तर बढ़ाया
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर रहा। अगले तीन चार दिनों के बीच भी वायु गुणवत्ता का स्तर इसी के आसपास रहने की संभावना है। अच्छे मॉनसून के चलते दिल्ली में इस बार वायु गुणवत्ता का स्तर भी जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीने में पहले से ज्यादा अच्छा रहा था। लेकिन, अक्टूबर महीने का पहला पखवाड़े के बीतने से एक दिन पहले ही वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई। 14 अक्टूबर के बाद से एक दिन भी ऐसा नहीं रहा है, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से नीचे आया हो और हवा साफ-सुथरी रही हो।
24 घंटे के अंदर सूचकांक में 11 अंकों की बढ़ोतरी : हवा की रफ्तार बढ़ने और तेज धूप के चलते बीच-बीच में हल्की रात तो मिली है, लेकिन कुल मिलाकर वायु गुणवत्ता का स्तर खराब या बेहद खराब स्तर पर ही रहा। सीपीसीबी के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का सूचकांक 322 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब स्तर पर रखा जाता है।
एक दिन पहले गुरुवार को यह सूचकांक 311 के अंक पर रहा था। यानी 24 घंटे के अंदर सूचकांक में 11 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का सूचकांक 300 से ऊपर यानी बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है।
मानकों से पौने तीन गुना ज्यादा प्रदूषक कण : दिल्ली की हवा में अभी मानकों से पौने तीन गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। मानकों के मुताबिक, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से और पीएम 2.5 का स्तर 60 से नीचे रहना चाहिए, तभी उसे स्वास्थ्यकारी माना जाता है। लेकिन, शुक्रवार की शाम तीन बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 10 का स्तर 274 और पीएम 2.5 का स्तर 162 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पर रहा। यानी दिल्ली-एनसीआर की हवा में मानकों से पौने तीन गुना ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं।
सप्ताह भर राहत के आसार नहीं : वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अभी दिल्ली में किसी बड़ी मौसमी परिघटना का अभाव रहेगा। दिन के समय हवा की गति थोड़ा तेज हो सकती है। लेकिन, सुबह-शाम और रात के समय हवा की गति आमतौर पर दस किलोमीटर प्रति घंटे से नीचे ही रहने का अनुमान है। इसके चलते प्रदूषक कणों का विसर्जन भी धीमा होगा और लोगों को ज्यादा प्रदूषण का सामना करना पड़ेगा। अगले सप्ताह भर वायु गुणवत्ता का स्तर अति खराब श्रेणी में ही रहने के आसार हैं।
आठ फीसदी से ज्यादा हुई पराली की हिस्सेदारी
दिल्ली की हवा में अब पराली के धुएं की हिस्सेदारी भी बढ़ रही है। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली की हवा में पराली के धुएं की हिस्सेदारी 8.68 फीसदी तक रही। इससे पहले गुरुवार को यह हिस्सेदारी 9.48 फीसदी तक रही थी। शनिवार को पराली का धुआं और बढ़ने का अनुमान किया गया है। डीएसएस का अनुमान है कि शनिवार को यह हिस्सेदारी बढ़कर 30 फीसदी तक पहुंच सकती है।





