दिल्ली की 30 से ज्यादा कॉलोनियों में 2 दिन पानी नहीं आएगा; कौन से इलाके होंगे प्रभावित?
Water Supply in Delhi: दिल्ली के कई इलाकों में एकबार फिर जलापूर्ति प्रभावित होने वाली है। दिल्ली जल बोर्ड की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के 30 से ज्यादा इलाकों में दो दिन पानी का संकट रहेगा।

दिल्ली के कई इलाकों में दो दिन जलापूर्ति प्रभावित रहेगी। दिल्ली जल बोर्ड की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के 30 से ज्यादा इलाकों में 15 और 17 फरवरी को पानी का संकट रहेगा। जल बोर्ड की ओर से भूमिगत जलाशयों और बूस्टर पंपिंग स्टेशन की वार्षिक सफाई कराए जाने के कारण पानी की आपूर्ति नहीं हो सकेगी। इस अवधि में लोग अपने क्षेत्रों में स्थित जल बोर्ड के कार्यालयों के नंबरों और जलबोर्ड की हेल्पलाइन पर कॉल करके टैंकर मंगा सकेंगे।
15 फरवरी को इन इलाकों में नहीं आएगा पानी
बोर्ड के अनुसार, 15 फरवरी को एमआईजी जनकपुरी, विकासपुरी, 112 एसएफएस बोदेला, वसुंधरा एनक्लेव सोसायटी, न्यू अशोक नगर, सी-बी ब्लॉक शालीमार बाग, एस व डी ब्लॉक पीतमपुरा, एलआईजी पश्चिम विहार, रमेश नगर, कीर्ति नगर, मानसरोवर गार्डन और सरस्वती गार्डन, मस्जिद मोथ फेज-1 और श्रीनिवास पुरी क्षेत्र में पानी नहीं आएगा।
17 फरवरी को इन इलाकों पर असर
वहीं, 17 फरवरी को ई ब्लॉक जनकपुरी, डीजी-1 विकासपुरी, ई ब्लॉक विकासपुरी, पॉकेट सी ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स मयूर विहार फेज-3, आर-ब्लॉक दिलशाद गार्डन, डीडीए फ्लैट मयूर विहार फेज-3, शालीमार पार्क, सीसी ब्लॉक शालीमार बाग, जीएच-1/एमआईजी, अर्चना अपार्टमेंट, पश्चिम विहार, डी-ब्लॉक कर्मपुरा, पंजाबी बाग और मादीपुर में जलापूर्ति बाधित रहेगी।
इन इलाकों में भी प्रभावित रहेगी जलापूर्ति
यही नहीं दिल्ली जल बोर्ड का कहना है कि 17 फरवरी को ही मस्जिद मोथ फेज-1, डीडीए फ्लैट गिरी नगर, गोविंदपुरी और गोविंदपुरी एक्सटेंशन, पूर्वी अपार्टमेंट्स डीडीए फ्लैट सराय काले खां, मोती बाग क्षेत्र, पॉकेट-12 कालकाजी एक्सटेंशन, सरिता विहार और जसोला विहार में जलापूर्ति बाधित रहेगी।
तय समय में पूरा किया जाएगा यमुना सफाई का काम
इस बीच दिल्ली चुनाव में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा का कहना है कि भाजपा की नई सरकार यमुना की सफाई का काम शुरू करेगी और तय समय में इसे पूरा करेगी। हमें दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को भी दिल्ली में लागू करना है। बीते 10 वर्षों में दिल्ली की हालत काफी खराब हो गई है। हम इसे तत्काल प्रभाव से सुधारने की कोशिश करेंगे। दिल्ली विधानसभा चुनाव में यमुना की सफाई का मुद्दा छाया रहा था।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


