दिल्ली में पानी पर क्यों हाहाकार, DJB ने बताईं 2 वजहें; 5 दिन का संकट
दिल्ली में एक बार फिर पानी के लिए हाकाकार मचना शुरू हो गया है। दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार दिवाली तक 60 से ज्यादा इलाकों में पानी का संकट रहेगा। जल बोर्ड ने इस संकट के लिए दो वजहें बताईं हैं। साथ ही दिल्लीवासियों को इस दौरान पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी है।

दिल्ली में एक बार फिर पानी के लिए हाकाकार मचना शुरू हो गया है। दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार दिवाली तक 60 से ज्यादा इलाकों में पानी का संकट रहेगा। जल बोर्ड ने इस संकट के लिए दो वजहें बताईं हैं। साथ ही दिल्लीवासियों को इस दौरान पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी है।
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, 110 एमजीडी क्षमता वाली भागीरथी डब्ल्यूटीपी और 140 एमजीडी क्षमता वाली सोनिया विहार डब्ल्यूटीपी के कच्चा पानी का मुख्य स्रोत उत्तर प्रदेश के मुरादनगर का ऊपरी गंग नहर है। यूपी सिंचाई विभाग ने वार्षिक रखरखाव के कारण इस नहर को 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक के लिए बंद कर दिया है। इस दौरान यूपी सिंचाई विभाग और यूपी जल निगम बैराज, रेगुलेटर की मरम्मत और रखरखाव, विभिन्न ऑनलाइन स्टोरेज की डिसिल्टिंग, मुरादनगर में टैंक स्थापित करने और नाली की मरम्मत का काम करते हैं। 20 अक्टूबर तक नहर के विभिन्न स्टोरेज में तालाब बनने के कारण दोनों डब्ल्यूटीपी को पानी मिल रहा था। लेकिन 21 अक्टूबर से इसे भी बंद कर दिया गया, जिसके बाद भागीरथी और सोनिया विहार डब्ल्यूटीपी को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
दूसरी वजह यह है कि भागीरथी और सोनिया विहार जल संयंत्र अब 31 अक्टूबर 2024 की मध्यरात्रि तक कच्चे पानी के लिए यमुना नदी पर निर्भर हैं। लेकिन, यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा (1.5 पीपीएम से ज्यादा) अधिक होने के कारण इसे उपचारित करना मुश्किल है। इसलिए, भागीरथी और सोनिया विहार में उत्पादन क्षमता को 30 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है।
दिवाली तक जिन इलाकों में पानी की सप्लाई बंद रहेगी उनमें, गोकुलपुरी, सोनिया विहार, करावल नगर, बाबरपुर, ताहिरपुर, दिलशाद गार्डन, नंद नगरी, शहादरा, लक्ष्मी नगर, गीता कॉलोनी, मयूर विहार, कोंडली, दल्लूपुरा, यमुना विहार, जाफराबाद, झिलमिल, मंडावली, लक्ष्मी नगर, शकरपुर, विवेक विहार, कड़कड़डूमा, जगतपुरी, शालीमार पार्क, कृष्णा नगर, पटपड़गंज, प्रीत विहार, विश्वकर्मा पार्क, ललिता पार्क, सीलमपुर, शास्त्री पार्क, ब्रह्मपुरी, कैलाश नगर, सराय काले खां, जल विहार, लाजपत नगर, मूलचंद हॉस्पिटल, ग्रेटर कैलाश, वसंत कुंज, देवली, अंबेडकर नगर, ओखला, कालकाजी, कालकाजी एक्सटेंशन, गोविंदपुरी, जीबी पंत पॉलीटेक्निक, श्याम नगर कॉलोनी, ओखला सब्जी मंडी, अमर कॉलोनी, दक्षिणपुरी, पंचशील पार्क, शाहपुर जाट, कोटला मुबारकपुर, सरिता विहार, सिद्धार्थ नगर, अपोलो, ग्रेटर कैलाश नार्थ, मालवीय नगर, डीयर पार्क, गीतांजलि, श्रीनिवास पुरी, ग्रेटर कैलाश साउथ, छतरपुर के अलावा एनडीएमसी से जुड़े इलाके शामिल हैं।
दिल्ली जल बोर्ड ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर पानी के टैंकरों के लिए इन टेलीफोन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं :-
1. मंडावली : 22727812, 9810091769
2. लोनी रोड : 22814518, 22816023
3. यमुना विहार : 22817228
4. जागृति एसपीएस : 22374834, 22374237
5. ग्रेटर कैलाश : 29234746, 29234747
6. गिरी नगर : 26473720
7. वसंत कुंज : 26137216
8. जल सदन : 29819035, 29814106
9. सरिता विहार/ओखला : 26388976
10. केंद्रीय नियंत्रण कक्ष : 1916/23527679/23634469/1800117118 (सभी क्षेत्रों के लिए)
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


