
हमारे बच्चे खांस रहे, ऐक्शन लो; दिल्ली की मम्मियों ने लिखा मोदी सरकार को लेटर
पत्र में कहा गया कि हमारे बच्चे खांसते हुए जाग रहे हैं, अस्थमा (दमा) के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और खेल के मैदानों में भी मास्क पहन रहे हैं क्योंकि जो हवा वे ले रहे हैं वह जहरीली (toxic) है। हमने एक्टिविस्ट होना नहीं चुना बल्कि जरूरत ने हमें इस काम के लिए प्रेरित किया।
दिल्ली में पलूशन ने आतंक मचा रखा है। दिवाली के पहले से शुरू हुआ ये सिलसिला बदस्तूर जारी है। रोज AQI 400 के पार तक चला जा रहा,हर सांस पर ये जहरीली हवा हावी है। इस बीच मम्मियों के एक ग्रुप ने मोदी सरकार को एक लेटर लिखा है। लेटर में 48 घंटे के अंदर दिल्ली के पलूशन क खिलाफ ऐक्शन लेने को गया है। इन माओं का कहना है कि उके बच्चे बीमार पड़ रहे, खांस रहे और यहां तक कि स्कूल तक मिस कर रहे। इन माताओं की मांग है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय 48 घंटों के भीतर वायु प्रदूषण पर सार्वजनिक स्वास्थ्य चेतावनी जारी करे।

टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के अनुसार, स्वच्छ हवा के लिए लड़ रही माताओं के एक नेटवर्क 'वॉरियर मॉम्स' (Warrior Moms) ने मंत्रालय को लिखे एक पत्र में मांग की कि इस चेतावनी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और PM2.5 की सीमाएं स्पष्ट की जाएं—जैसे AQI 200 और 300 से ऊपर—जिस पर बच्चों को घर के अंदर रहना चाहिए। साथ ही, बाहर उपयोग के लिए उपयुक्त मास्क के प्रकार और तत्काल बच्चों को आवश्यक खतरे के संकेत भी बताए जाएं।
पत्र में कहा गया कि हमारे बच्चे खांसते हुए जाग रहे हैं, अस्थमा (दमा) के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और खेल के मैदानों में भी मास्क पहन रहे हैं क्योंकि जो हवा वे ले रहे हैं वह जहरीली (toxic) है। हमने एक्टिविस्ट होना नहीं चुना बल्कि जरूरत ने हमें इस काम के लिए प्रेरित किया। हर सर्दी में, हमारे बच्चों के फेफड़े PM2.5 से भर जाते हैं, जबकि आधिकारिक स्वास्थ्य गाइडलाइंस अक्टूबर 2023 से नहीं बदलीं।
मम्मियों के इस ग्रुप ने मंत्रालय से बाल रोग विशेषज्ञों (paediatricians) और अस्पतालों को भी दिशानिर्देश जारी करने का आग्रह किया ताकि प्रदूषण से संबंधित स्वास्थ्य जांच को मजबूत किया जा सके। उन्होंने सुझाव दिया कि डॉक्टरों को बच्चों की जांच में वायु गुणवत्ता के संपर्क का इतिहास—जैसे स्थानीय PM2.5 और AQI स्तर—को शामिल करना चाहिए, और परिवारों को रोकथाम (prevention) और देखभाल के बारे में सलाह (counsel) देनी चाहिए।
'वॉरियर मॉम्स' की प्रतिनिधि भावरीन कंधारी ने कहा कि दिल्ली में बिगड़ते वायु प्रदूषण पर मंत्रालय की चुप्पी गलत संदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय का कर्तव्य नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। किसी भी अपडेटेड चेतावनी के बिना, परिवार सोचते हैं कि मास्क के बिना बाहर निकलना सुरक्षित है, जबकि हवा PM2.5 से भरी हुई है। स्कूल बाहर खेल और दौड़ की गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं, जबकि बच्चों को सुरक्षित रखने की जरूरत है। यह निष्क्रियता केवल लापरवाही नहीं है, यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल को सामान्य बना रही है। मंत्रालय को तुरंत बोलना, मार्गदर्शन करना और कार्रवाई करना चाहिए।





