काम की बात: दिल्ली में 2002 की SIR डिटेल नहीं देने वाले वोटर्स को आएंगे नोटिस, ये 12 कागज रखें तैयार
दिल्ली में एसआईआर के फॉर्म जमा करने का काम 17 अगस्त को समाप्त हो गया। फॉर्म जमा नहीं कराने वाले 47.62 लाख वोटर्स के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट जाएंगे। साथ ही 2002 की SIR का रिकॉर्ड न देने वाले वोटर्स को 24 तारीख के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे।

दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अगर कोई मतदाता अपना पुराना रिकॉर्ड न मिलने के कारण, घर का पता बदलने के कारण या अन्य किसी कारण से गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाए तो उन्हें एक मौका और मिलेगा। 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ऐसे मतदाताओं को निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा, जिन्होंने अपना गणना प्रपत्र तो जमा किया है, लेकिन उसमें वर्ष 2002 में हुए एसआईआर का ब्योरा नहीं दिया। वहीं, जिन मतदाताओं के घर के पते बदलने के कारण गणना प्रपत्र नहीं मिला या अन्य कारणों से प्रपत्र जमा नहीं भर पाएं वे फॉर्म-6 भरकर नए सिरे से दिल्ली की मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगे।
फॉर्म जमा करने को एक मौका मिलेगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक एसआईआर का घर-घर जाकर सत्यापन और गणना प्रपत्र भरने का चरण समाप्त होने का मतलब यह नहीं है कि अब मतदाता स्थायी रूप से सूची से बाहर हो जाएंगे। मतदाता 24 अगस्त से 23 सितंबर तक आपत्तियां और दावे दर्ज करा सकते हैं, इसमें नए पते पर पंजीकरण के लिए फॉर्म 6 भरा जाना भी शामिल है। नए फॉर्म भरे जाने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से उनका सत्यापन कराया जाएगा। 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा।
अब आगे क्या होगा
ईआरओ उन मतदाताओं को नोटिस जारी करेगा जिनके पिछले एसआईआर मतदाता सूची विवरण या तो उपलब्ध नहीं हैं या डेटाबेस से मेल नहीं खाते हैं। नोटिस प्राप्त होने पर, मतदाता को अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर 12 दस्तावेजों में से जरूरत के आधार पर दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
रोहिणी में सबसे ज्यादा फॉर्म जमा
रोहिणी क्षेत्र में 83.43 प्रतिशत (1,25,478 वोटर) के फॉर्म मिले। सबसे कम तुगलकाबाद में 52.15% दर्ज किया गया। ओखला 54.67%, आरके पुरम 55.54% फॉर्म भरे गए।
सबसे कम फार्म दक्षिण दिल्ली में जमा
दक्षिण दिल्ली में सबसे कम 56.32 फीसदी मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हुए हैं, यानी 44 फीसदी मतदाता अपने फाॅर्म जमा नहीं कर पाए हैं। सबसे ज्यादा 75.68 फीसदी फार्म उत्तरी दिल्ली में जमा हुए हैं।
ये दस्तावेज सहायक होंगे
● किसी भी केंद्रीय सरकार/ राज्य सरकार/ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी/ पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
● भारत में सरकार/ स्थानीय प्राधिकरणों/ बैंकों/ डाकघर/ एलआईसी/ पीएसयू की ओर से एक जुलाई1987 से पहले जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/दस्तावेज।
● सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र।
● पासपोर्ट
● मान्यता प्राप्त बोर्डों/ विश्वविद्यालयों द्वारा जारी मैट्रिक प्रमाण पत्र
● सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र
● वन अधिकार प्रमाणपत्र
● ओबीसी/एससी/एसटी या कोई अन्य जाति प्रमाण पत्र
● राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां कहीं भी मौजूद हो)
● राज्य/स्थानीय अधिकारियों द्वारा तैयार पारिवारिक रजिस्टर।
● सरकार द्वारा जारी किया गया कोई भी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण पत्र
● जरूरी निर्देशों के साथ आधार।
दिल्ली में 47 लाख वोटर ड्राफ्ट लिस्ट से होंगे बाहर
दिल्ली में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण का प्रपत्र भरवाने का चरण सोमवार को समाप्त हो गया। राजधानी के 1,45,10,299 मतदाताओं में से 97,47,879 मतदाताओं ने ही प्रपत्र जमा कराया है। प्रपत्र जमा नहीं कराने वाले 47.62 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से कट जाएंगे। निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। जिन मतदाताओं के प्रपत्र इस चरण में जमा या डिजिटाइज नहीं हुए हैं, उनके लिए दावे-आपत्तियों की अवधि अहम होगी।
24 अगस्त से आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे
बता दें कि, दिल्ली में 1,45,10,299 मतदाता हैं। बीएलओ ने सभी घरों तक फॉर्म पहुंचाए थे। फॉर्म जमा कराने के अंतिम दिन सोमवार तक 67.18 फीसदी यानी 47,62,420 मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा कराए हैं। इन सभी के फार्म डिजिटाइज कर दिए गए हैं। 32.82 फीसदी मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा न होने के कारण इनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाएंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की वजह से भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं। एसआईआर के तहत गणना चरण पूरा होने के बाद अब प्रक्रिया अगले चरण में जाएगी। 24 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद से 23 सितंबर तक मतदाता इस ड्राफ्ट सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।


