विवेक विहार अग्निकांड में प्रांशुक परिवार में अकेला बचा, हादसे में माता-पिता और भाई को खो दिया
Vivek Vihar Fire Tragedy: दिल्ली के विवेक विहार में हुए भीषण अग्निकांड में 9 लोग जिंदा जल गए। परिवार की तीन पीढ़ियां जलकर राख हो गईं। इस हादसे में सिर्फ परिवार का बेटा प्रांशुक ही बच सका। घटना के वक्त वह घर पर नहीं था।

Vivek Vihar Fire Tragedy: दिल्ली के विवेक विहार अग्निकांड में पिता नितिन जैन, मां शैली जैन और भाई सम्यक को खोने वाले प्रांशुक जैन अब परिवार में अकेले बचे हैं। घटना से पहले प्रांशुक महाकाल के दर्शन करने उज्जैन चले गए थे। उनकी गैर मौजूदगी में हुए इस भीषण हादसे में घर में मौजूद पिता नितिन जैन, मां शैली जैन और बड़े भाई सम्यक जैन की जान चली गई।
घटना के बाद रिश्तेदारों ने प्रांशुक को फोन पर सूचना दी तो वे दिल्ली लौटे। सम्यक क्रॉस रिवर मॉल में रेस्तरां चलाते थे, जबकि उनके पिता का अलग कारोबार था। उन्होंने बताया कि परिवार की सुख-शांति की कामना लेकर प्रांशुक महाकाल के दर्शन करने गए थे, जबकि उनकी दादी कुछ दिनों पहले ही अपने दूसरे बेटे के पास सूरजमल विहार चली गई थीं।
प्रांशुक को नहीं पता था कि वहां से लौटने पर वह कभी अपने माता-पिता व भाई से नहीं मिल पाएंगे। हादसे के बाद वह किसी से बात नहीं कर रहा है।
बागपत से 50 वर्ष पहले दिल्ली आया था परिवार
विवेक विहार अग्निकांड में जान गंवाने वाले नितिन जैन का परिवार करीब 50 साल पहले बागपत के बिनौली क्षेत्र के रंछाड़ गांव को छोड़कर दिल्ली आ गया था। हादसे में नितिन जैन उनकी पत्नी शैलेय जैन व पुत्र सम्यक जैन की मौत की खबर से उनके पैतृक गांव में मातम छाया है। परिवार पिछले माह ही गांव के जैन मंदिर में धार्मिक आयोजन में शामिल हुआ था।
अस्पताल की इमरजेंसी और मॉर्चरी में रही भीड़
नई दिल्ली। अवकाश का दिन होने के बावजूद रविवार को जीटीबी अस्पताल की इमरजेंसी व मॉर्चरी में काफी व्यस्तता रही। अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद ही अस्पताल की इमरजेंसी व सभी विभागाध्यक्षों को अलर्ट कर दिया गया था। इस वजह से बर्न सहित कई विभागों के डॉक्टर इमरजेंसी में पहले ही पहुंच गए थे।
ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग का स्थान
इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर वाहनों की पार्किंग के लिए जगह और लिफ्ट लगी हुई है। हादसे के दौरान पहली मंजिल पर दोनों ओर बने फ्लैट में रहने वाले लोग आग की चपेट में आने से बच गए और उन्हें सकुशल बचा लिया गया। दमकल की करीब 14 गाड़ियों का उपयोग किया गया आग बुझाने के लिए।
चौथी मंजिल
यहां पीछे बने फ्लैट में रहने वाले नितिन जैन, शैली और उनके बेटे सम्यक जैन ने आग लगने पर छत की ओर जाने का प्रयास किया। छत की ओर जाते वक्त सीढ़ियों का दरवाजा लॉक था, जिस कारण परिवार ऊपर नहीं जा सका और आग व धुएं की चपेट में आ गया।
तीसरी मंजिल
यहां पीछे की ओर बने फ्लैट में मौजूद एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। इसमें अरविंद, उनकी पत्नी अनीता जैन, बेटा निशांक जैन, बहू आंचल जैन और डेढ़ वर्षीय पोता आकाश जैन शामिल हैं। आगे बने फ्लैट के लोग बचा लिए गए।
यहां से कूदीं बेटियां
दूसरे तल पर स्थित बने फ्लैट में आग लगने पर यहां रहने वाले नवीन जैन ने अपनी दोनों बेटियों को इमारत का किनारे वाला कांच तोड़कर दूसरी मंजिल से कुदा दिया। वे पड़ोसियों की मदद से नीचे बिछाए गद्दे पर गिरीं।
दूसरी मंजिल
इस तल पर स्थित पीछे के फ्लैट से आग शुरू हुई। हादसे में नवीन जैन की पत्नी शिखा की मौत हो गई। वहीं, बेटियों और घर आए शिखा के माता-पिता अरुण और दर्शाना को बचाने के दौरान नवीन बुरी तरह झुलस गए।
लेखक के बारे में
Gaurav Kalaगौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य
संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।
सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।
डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise):
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन


