Delhi Vidya Vahini Scheme: राजधानी की 1.40 लाख छात्राओं को मिलेगी साइकिल, कल से हो रही शुरूआत
Delhi Vidya Vahini Scheme: दिल्ली सरकार 31 जुलाई से 'विद्या वाहिनी' योजना की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले चरण में 3,000 छात्राओं को मुफ्त साइकिलें देंगी। अगले एक महीने में करीब 1.40 लाख कक्षा 9 की छात्राओं को चरणबद्ध तरीके से साइकिलें वितरित की जाएंगी।

Delhi Vidya Vahini Scheme: दिल्ली सरकार छात्राओं की पढ़ाई को आसान बनाने और स्कूल छोड़ने की समस्या कम करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शुक्रवार, 31 जुलाई को 'विद्या वाहिनी' योजना की शुरुआत करेंगी। इस योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा 9 की छात्राओं को मुफ्त साइकिलें दी जाएंगी, ताकि उन्हें स्कूल आने-जाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
पहले चरण में बांटी जाएंगी 3000 साइकिलें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ईस्ट विनोद नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में पहले चरण की शुरुआत करेंगी। इस दौरान 3,000 छात्राओं को 'विद्या वाहिनी' साइकिलें वितरित की जाएंगी। इसके बाद अगले एक महीने के भीतर चरणबद्ध तरीके से दिल्ली की करीब 1.40 लाख छात्राओं को साइकिलें देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य छात्राओं के लिए स्कूल तक पहुंच आसान बनाना, उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। कई छात्राओं को लंबी दूरी तय कर स्कूल जाना पड़ता है। ऐसे में मुफ्त साइकिल मिलने से उनका समय बचेगा और पढ़ाई जारी रखने में भी मदद मिलेगी।
इस योजना पर क्या बोंली सीएम रेखा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार चाहती है कि राज्य की कोई भी बेटी केवल दूरी, संसाधनों की कमी या परिवहन संबंधी दिक्कतों की वजह से अपनी शिक्षा से वंचित न रहे। उनके अनुसार 'विद्या वाहिनी' केवल एक साइकिल नहीं, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सरकार का मानना है कि इस योजना से छात्राओं की स्कूल में नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए भी प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही परिवारों पर आने वाला परिवहन का खर्च भी कम होगा।
दिल्ली सरकार की यह योजना विशेष रूप से उन छात्राओं के लिए राहत लेकर आएगी, जिन्हें रोजाना स्कूल पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में शिक्षा से जुड़ी ऐसी योजनाओं के जरिए बेटियों को अधिक सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जाए।


