चिल्लाते हुए बढ़ गए आगे, दिल्ली विधानसभा में भिड़े AAP-BJP के दो विधायक; स्पीकर भी नाराज
दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र का शुक्रवार को आगाज हुआ। टोका-टाकी करते हुए भाजपा और आम आदमी पार्टी के दो विधायक आपस में उलझ गए। दोनों तरफ के विधायकों ने बीच-बाचव करके स्थिति को संभाला।
दिल्ली विधानसभा के मॉनसून सत्र का शुक्रवार को हंगामेदार आगाज हुआ। सत्ता और विपक्ष के बीच कई मौकों पर टोका-टाकी और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला। स्थिति उस समय थोड़ी ज्यादा बिगड़ गई जब आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार और भाजपा विधायक रवि नेगी आपस में उलझ गए। दोनों नेता एक दूसरे पर चिल्लाते हुए एक दूसरे की तरफ को बढ़ गए। गनीमत रही कि दोनों दलों के विधायकों ने बीच-बचाव करके उन्हें शांत किया। स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए ऐक्शन की बात कही और चेतावनी दी।
दिल्ली विधानसभा के तीन दिवसीय मॉनसूत्र सत्र की शुरुआत शुक्रवार को हुई जो 11 अगस्त चलेगी। पहले दिन भाजपा और 'आप' के विधायकों के बीच काफी आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिला। दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने सदन में नेता विपक्ष आतिशी के ना होने पर तंज कसा और कहा कि वह मॉनसून सत्र को छोड़कर गोवा घूम रही हैं। दिल्ली विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र में सरकार तीन विधेयक पेश करेगी। वहीं, सीएजी की तीन रिपोर्ट भी पेश की जाएगी।
भिड़ गए दोनों विधायक, सदस्यों ने रोका
इस बीच अचानक किसी बात को लेकर कुलदीप कुमार और रवि नेगी के बीच टोका-टाकी शुरू हो गई। शुरुआत में दोनों अपनी सीट पर बैठकर एक दूसरे को कुछ कहते नजर आए। लेकिन जल्द ही दोनों खड़े हो गए। दोनों एक दूसरे पर चिल्लाते हुए आगे बढ़ गए। तभी दोनों पक्षों से कई विधायक दौड़े और दोनों सदस्यों को अलग किया। आसन से स्पीकर भी दोनों को ऐसा ना करने की हिदायत देते नजर आए।
स्पीकर ने कहा- बहुत सख्त कार्रवाई कर सकता हूं
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने विधायकों के टकराव को लेकर नाराजगी जाहिर की और दोनों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, ‘यह असंसदीय है। कोई भी सदस्य आपस में बात नहीं करेगा। अभी जो यहां हो रहा था बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं सख्त कार्रवाई कर सकता हूं, बहुत सख्त कार्रवाई कर सकता हूं। मैं दोनों सदस्यों से कहूंगा, दोनों को चेतावनी दे रहा हूं, सदन की मर्यादा से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। अपनी सीट से कोई दूसरे की सीट पर नहीं जाएगा। कोई किसी से अपशब्द नहीं करेगा। अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं होगा। चेयर को संबोधित करते हुए इजाजत से बोल सकते हैं। यदि बिना इजाजत के बोले तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।’


