
अब दिल्ली में यू-स्पेशल बसों से सफर करेंगे DU स्टूडेंट; 25 रूटों पर 50 वाहन, क्या सुविधाएं?
डीयू के स्टूडेंट के लिए यू-स्पेशल बस सेवा शुरू होने जा रही है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह डीयू कैंपस से इस विशेष बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुरू करेंगे। क्या सुविधाएं?
डीयू के छात्र-छात्राओं के लिए यू-स्पेशल बस सेवा आज से फिर शुरू होगी। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह डीयू कैंपस से हरी झंडी दिखाकर छात्र-छात्राओं के लिए शुरू की जा रही इस विशेष बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर शुरू करेंगे। यह बस सेवा 2020 में कोविड संक्रमण के दौरान बंद कर दी गई थी और इसके बाद बसों की कमी के चलते इसे शुरू नहीं किया जा सका था।

डूसू इलेक्शन पर भी नजरें
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद डूसू की अध्यक्ष रह चुकी हैं और वे छात्र-छात्राओं की जरूरत को देखते हुए इस बस सेवा को दोबारा शुरू कर उन्हें तोहफा देना चाहती हैं। हालांकि माना यह भी जा रहा है कि अगले महीने होने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ (डूसू) चुनाव से पहले हजारों छात्र-छात्राओं को यह तोहफा देकर भाजपा चुनाव को भी साधने का प्रयास करेगी।
क्या सुविधाएं, कितने का पास?
इन बसों में एक रेडियो लगा होगा, जिन पर गानों के अलावा कई तरह के जागरूकता लाने वाले संदेश भी प्रसारित होंगे। छात्र व्हाट्सऐप से संदेश भेजकर इन बसो में अपनी पसंद के गाने भी सुन सकेंगे। इन बसों में छात्र-छात्राएं महज 50 रुपये का पास बनवाकर सफर कर सकेंगे। इसके अलावा टिकट लेकर भी सफर करने की सहूलियत होगी।
25 रूटों पर 50 बसें चलेंगी पहले चरण में
डीटीसी के मुताबिक पहले चरण में 25 रूटों पर 50 बसें चलाई जाएंगी। इन बसों का रूट इस तरह से तैयार किए गए हैं ताकि नॉर्थ और साउथ कैंपस को आपस में जोड़ा जा सके। इसके साथ-साथ दोनों कैंपस में स्थित डीयू के 67 कॉलेजों, उनके आसपास के मेट्रो स्टेशनों और अन्य प्रमुख स्थानों को भी जोड़ने की योजना बनाई गई है।
इन इलाकों को करेंगे कवर
इन बसों के रूटों में नरेला से पटेल चौक, पश्चिम विहार से किरोड़ीमल कॉलेज, ओखला से खालसा कॉलेज, वसुंधरा एंक्लेव से अमर कॉलोनी कैंपस, मुकरबा चौक से हिंदू कॉलेज होते हुए खालसा कॉलेज, बदरपुर बॉर्डर से अरविंदो कॉलेज, नरेला से इंद्रप्रस्थ कॉलेज, बवाना से खालसा कॉलेज और द्वारका सेक्टर-21 से मुनिरका होते हुए आईआईटी दिल्ली तक के रूटों को शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।





