
BJP सरकार एक खास धर्म को बना रही निशाना… तुर्कमान गेट एक्शन पर बोले संदीप दीक्षित
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने तुर्कमान गेट पर देर रात हुई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार एक खास धर्म को निशाना बना रही है, हालांकि उन्होंने अधिकारियों पर हिंसा को गलत बताया।
दिल्ली के पुराने इलाके में देर रात एमसीडी की टीम ने फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर हुई, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध ने इसे हिंसक मोड़ दे दिया। पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि 10 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। पूरी घटना ने राजनीतिक बहस को भी हवा दे दी है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि ऐसा लगता है कि बीजेपी सरकार एक खास धर्म को निशाना बना रही है।
क्या बोले संदीप दीक्षित?
इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि अवैध संरचनाओं को हटाना सही कदम है, लेकिन भाजपा सरकार पर एक खास धर्म को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "अगर यह कार्रवाई अवैध ढांचों को हटाने के लिए की जा रही है तो यह ठीक है। लेकिन ऐसा लगता है कि बीजेपी सरकार एक खास धर्म को निशाना बना रही है। MCD या कोर्ट के आदेशों का पालन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ हिंसा करना सही नहीं है।" दीक्षित ने देर रात कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर ये कार्रवाई दिन में होती तो लोगों के पास अपनी बात रखने का जरूरी दस्तावेज दिखाने का मौका होता।
वहीं, दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हो रही है, दोषियों को सजा मिलेगी।
रात के अंधेरे में शुरू हुआ ऑपरेशन
एमसीडी की टीम ने बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे तुर्कमान गेट इलाके में बुलडोजर चलाए। यह अभियान रमलीला मैदान के पास स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास के अतिक्रमण को हटाने के लिए था, जिसमें सड़कें, फुटपाथ, बैंक्वेट हॉल और एक डायग्नोस्टिक सेंटर जैसी अवैध संरचनाएं शामिल थीं। कोर्ट ने 38,940 वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात था, इलाके को नौ जोनों में बांटा गया था। लेकिन जैसे ही बुलडोजर चले, स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और नारे लगाने लगे।
विरोध से हिंसा तक: पत्थरबाजी और आंसू गैस
शुरुआत में शांतिपूर्ण विरोध जल्दी ही उग्र हो गया। लोगों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे हालात और बिगड़ गए। कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें से कुछ को मामूली चोटें आईं। अधिकारियों ने बताया कि छह प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 10 तक बताई जा रही है। सुबह तक स्थिति पर काबू पा लिया गया और सामान्य व्यवस्था बहाल हो गई।





