दिल्ली में टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप मैच के कारण इन डेट पर रहेंगी ट्रैफिक पाबंदियां
दिल्ली में आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप मैचों के दौरान अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास 10 फरवरी से 1 मार्च तक ट्रैफिक पाबंदियां रहेंगी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, मैच वाले दिनों में सुबह 9 से रात 11.30 बजे तक डायवर्जन लागू रहेगा।

दिल्ली में आईसीसी टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप मैचों के कारण कई दिन ट्रैफिक पाबंदियां रहेंगीं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि आईसीसी टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप मैच की वजह से 10, 12, 13, 16, 18 फरवरी और 1 मार्च को अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास ट्रैफिक प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। मैचों से पहले और बाद में दर्शकों की आवाजाही को लेकर मैच के दिन में सुबह 9 बजे से रात 11.30 बजे तक अलग-अलग समय पर विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की जाएगी।
किस दिन कब तक पाबंदियां?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि लोगों को 10, 16 और 18 फरवरी को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक जबकि 13 फरवरी और 1 मार्च को दोपहर 2 बजे से शाम 7 बजे तक और 12 फरवरी को शाम 6 बजे से रात 11:30 बजे तक अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास की सड़कों से बचने की सलाह दी जाती है।
इन सड़कों पर लगाया जा सकता है डायवर्जन
ट्रैफिक पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर आईटीओ चौक से दिल्ली गेट तक बहादुरशाह जफर मार्ग, तुर्कमान गेट से दिल्ली गेट तक आसफ अली रोड और राजघाट से जेएलएन मार्ग तक के हिस्सों पर डायवर्जन और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। वाहन चालकों को पीक आवर्स के दौरान इन सड़कों से बचने की सलाह दी गई है।
इन जगहों पर मुफ्त पार्किंग की सुविधा
दर्शकों को बिना परेशानी के यात्रा के लिए दिल्ली मेट्रो और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन दिल्ली गेट (गेट 4 और 5) और आईटीओ (गेट 3 और 4) हैं। स्टेडियम के पास केवल वैध पार्किंग लेबल वाले वाहनों के लिए सीमित पार्किंग उपलब्ध होगी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि माता सुंदरी रोड, राजघाट पावर हाउस रोड और वेलोड्रोम रोड के नीचे मुफ्त पार्किंग की सुविधा रखी गई है।
गलत पार्किंग पर उठा लिए जाएंगे वाहन
एडवाइजरी में कहा गया है कि प्रतिबंधित जगहों पर पार्क किए गए वाहनों पर कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसे वाहनों को टो कर लिया जाएगा। यह भी सलाह दी कि दर्शक स्टेडियम के अंदर लैपटॉप, कैमरे, हेलमेट, बैकपैक, खाने-पीने की चीजें, पानी की बोतलें, पावर बैंक, लाइटर, माचिस, चाकू या हथियार जैसी प्रतिबंधित चीजें न ले जाएं। यात्रियों को यात्रा की योजना पहले से बनाने, ट्रैफिक संकेतों और ट्रैफिक कर्मियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


