
दिल्ली में रॉग साइड गाड़ी चलाने वालों की खैर नहीं, पकड़े जाने पर दर्ज होगा क्रिमिनल केस
दिल्ली पुलिस ने सड़क हादसों को रोकने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब सीधे आपराधिक मामले दर्ज करना शुरू कर दिया है, जिसके तहत छह महीने की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
दिल्ली की सड़कों पर गलत दिशा में वाहन चलाने की आदत अब महंगी पड़ने वाली है। दिल्ली पुलिस ने पहली बार ऐसे उल्लंघनों पर आपराधिक मामले दर्ज करने शुरू कर दिए हैं। देश में किसी केंद्र शासित प्रदेश द्वारा यह पहला कदम है। अब तक तीन FIR दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ये मामले जमानती हैं और आरोपी को गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा कर दिया गया।
तीन मामलों में हुई कार्रवाई
पहला मामला 3 जनवरी को दिल्ली कैंट थाने में दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर निवासी अमन अपनी वैगनआर कार तेज रफ्तार में गलत दिशा में चला रहे थे। यह घटना हनुमान मंदिर रेड लाइट से दिल्ली कैंट की ओर जाने वाली सड़क पर हुई। उनकी इस हरकत से सामने आने वाले वाहनों को खतरा पैदा हो गया था। ट्रैफिक पुलिस के ASI सुनील कुमार की शिकायत पर FIR दर्ज की गई।
दूसरा मामला कपाशेड़ा में दर्ज हुआ, जहां अंकित गौर मोटरसाइकिल गलत साइड पर चलाते पकड़े गए। तीसरा मामला वसंत कुंज साउथ थाने में अमेठी निवासी सनीज कुमार के खिलाफ दर्ज किया गया। वे अपनी टाटा टिगोर कार मेहरौली-महिपालपुर रोड पर गलत दिशा में चला रहे थे।
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (लापरवाही से ड्राइविंग) लगाई गई, जिसके तहत छह महीने तक की सजा या एक हजार रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। अमन के मामले में बिना लाइसेंस और बिना इंश्योरेंस चलाने के लिए मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।
क्यों बदला नियम?
ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि FIR केवल गंभीर मामलों में दर्ज की जाएंगी। पीक आवर्स में मुख्य सड़कों पर तेज गलत साइड ड्राइविंग पर विशेष नजर रहेगी। छोटी सड़कों पर धीरे चलने वाले टू-व्हीलर को सिर्फ चालान काटकर छोड़ा जा सकता है। यह कदम सड़क हादसों में बढ़ोतरी को देखते हुए उठाया गया है। पहले ऐसे उल्लंघन पर पहली बार 5,000 रुपये और दोबारा पर 10,000 रुपये तक जुर्माना तथा लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई होती थी।
आंकड़े बताते हैं बढ़ते उल्लंघन
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में गलत साइड ड्राइविंग के चालान 1,44,490 तक पहुंच गए, जो 2024 के 1,04,720 से काफी अधिक हैं। इसी अवधि में 1,27,395 नोटिस जारी किए गए।





