
दिल्ली में टोल प्लाजा पर घमासान, AAP का जोरदार प्रदर्शन; मेयर बताया 'हाई-टेक' समाधान
दिल्ली के टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी ने प्रदर्शन कर टोल बंद करने की मांग की है, जिसके जवाब में मेयर ने बैरियर-फ्री कलेक्शन के लिए ANPR तकनीक लागू करने की घोषणा की है।
दिल्ली की जहरीली हवा में एक नया राजनीतिक तूफान उठ खड़ा हुआ है। टोल प्लाजा पर लंबी-लंबी कतारें न सिर्फ ट्रैफिक जाम का सबब बन रही हैं, बल्कि प्रदूषण का बड़ा हॉटस्पॉट भी बन चुकी हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे मुद्दा बनाकर जोरदार प्रदर्शन किया, तो दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह ने हाई-टेक समाधान का कार्ड खेल दिया। आइए, जानते हैं इस हंगामे की पूरी कहानी।
AAP का गाजीपुर टोल पर हंगामा
MCD में विपक्ष के नेता अंकुश नरंग के नेतृत्व में AAP कार्यकर्ताओं ने गाजीपुर टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बीजेपी सरकार के खिलाफ नारे लगाए। नरंग ने कहा कि टोल प्लाजा प्रदूषण के हॉटस्पॉट बन गए हैं और दिल्ली के लोग इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "सुप्रीम कोर्ट ने टोल पर गाड़ियां रोककर टैक्स वसूलने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है, लेकिन बीजेपी कुछ रुपयों के लिए बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में डाल रही है।" आप की मांग है कि प्रदूषण के मौसम में टोल कलेक्शन तुरंत बंद किया जाए। नरंग ने कहा, "बीजेपी की दिल्ली में चार इंजन वाली सरकार है। पैसों की कमी नहीं है। यह रेवेन्यू दिल्ली सरकार या केंद्र से लिया जा सकता है, लेकिन लोगों की जान ज्यादा महत्वपूर्ण है।"
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
यह विवाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से जुड़ा है। कोर्ट ने एमसीडी से कहा था कि एनसीआर में हवा की गुणवत्ता सुधरने तक नौ टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बंद करने पर प्राथमिकता से विचार करें। हालांकि, कोर्ट ने सीधा बंद करने का आदेश नहीं दिया। केवल विचार करने को कहा था।
मेयर का आप पर पलटवार
मेयर राजा इकबाल सिंह ने आप के आरोपों को गलत और भ्रामक बताया। उन्होंने कहा, "आप जब सत्ता में थी, तब प्रदूषण के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब सत्ता से बाहर होकर इस गंभीर मुद्दे पर राजनीति कर रही है। यह बेहद निंदनीय है।" मेयर ने स्पष्ट किया कि एमसीडी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर सभी कदमों की जानकारी दे दी है। साथ ही, आप का एजेंडा अब सिर्फ भ्रम फैलाना और राजनीतिक बयानबाजी करना है। अगर दिल्लीवालों की सेहत की चिंता होती, तो सत्ता में रहते ठोस काम करते।
नई तकनीक से जल्द मिलेगी राहत
मेयर ने अच्छी खबर दी कि एमसीडी बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन की ओर बढ़ रही है। मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम लागू किया जा रहा है। इसमें ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और RFID तकनीक का इस्तेमाल होगा। टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
इससे गाड़ियां बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकेंगी। कतारें खत्म होंगी, जाम कम होगा और प्रदूषण भी घटेगा। दिल्ली में कुल 156 टोल प्लाजा हैं, जहां कमर्शियल गाड़ियों से टोल और पर्यावरण मुआवजा शुल्क वसूला जाता है। 13 बड़े प्लाजा पर पहले से RFID सिस्टम है, बाकी पर हैंडहेल्ड डिवाइस इस्तेमाल होते हैं।





