दिल्ली को 4KM के नए एलिवेटेड रोड का तोहफा, 7 मिनट में पूरा होगा 19 मिनट वाला सफर
दिल्ली सरकार ने राजधानी को 4 किलोमीटर लंबे एक नए एलिवेटेड रोड का तोहफा दिया है। इसके बनने के बाद जहां साउथ दिल्ली में जाम की समस्या काफी हद दूर हो जाएगी, वहीं कई रिहायशी इलाकों को भी नई कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके इस्तेमाल से लोगों का यात्रा में काफी समय बचेगा।

साउथ दिल्ली में रोज-रोज के ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने को छतरपुर में संत श्री नागपाल (SSN) मार्ग के साथ 4 किलोमीटर लंबा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने इसके लिए मंजूरी दे दी है। दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने मंगलवार को बताया कि यह एसएसएन मार्ग पर अणुव्रत मार्ग से डीएलएफ फार्म्स तक बनने वाले इस एलिवेटेड कॉरिडोर के इस्तेमाल से लोगों का काफी समय बचेगा।
कुतुब मीनार-कई रिहायशी इलाकों तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने फिजिबिलिटी स्टडी के बाद इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। एलिवेटेड कॉरिडोर दक्षिण दिल्ली में ट्रैफिक जाम वाले एक मेन पॉइंट पर भीड़ कम करने में मदद करेगा। उन्होंने बताया कि यह कॉरिडोर के जरिये कुतुब मीनार मेट्रो स्टेशन और आसपास के रिहायशी इलाकों तक कनेक्टिविटी और भी बेहतर हो जाएगी, जिससे लोगों का काफी समय बचेगा।
पीडब्ल्यूडी के मुताबिक, अभी अणुव्रत मार्ग और डीएलएफ फार्म्स के बीच यात्रा में लोगों को करीब 18.9 मिनट लगते हैं जिसमें गाड़ियों की एवरेज स्पीड 12.7 किलोमीटर प्रतिघंटा होती है। वहीं एलवेटेड कॉरिडोर बनने के बाद यात्रा का समय घटकर 6.6 मिनट होने की उम्मीद है, जबकि एवरेज स्पीड बढ़कर 36.4 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है।
इन इलाकों को जाम से राहत मिलेगी
अधिकारियों का मानना है कि इस एलिवेटेड कॉरिडोर से हर दिन करीब करीब 75 हजार वाहनों की आवाजाही आसान हो जाएगी। अभी महरौली, लाडो सराय और साकेत व सैनिक फार्म जैसे आस-पास के इलाकों से आने वाला ट्रैफिक एसएसएन मार्ग से होते हुए छतरपुर और फतेहपुर बेरी इलाके की ओर जाता है, जिससे वहां जाम लग जाता है। एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से इन इलाकों में जाम की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी।
एक अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर का बीच का हिस्सा छतरपुर इलाके से होकर गुजरता है, जहां पिछले दशक में काफी विकास हुआ है। कई कॉलोनियों की सड़कें सीधे एसएसएन मार्ग से जुड़ती हैं, जिससे स्थानीय ट्रैफिक कॉरिडोर की ओर आता है। एसएसएन मार्ग और मेन छतरपुर रोड का जंक्शन एक अहम अंदरूनी पॉइंट है। कॉरिडोर के दक्षिणी छोर पर फतेहपुर बेरी और रिज बस्तियों के साथ यह सतबारी, सैनिक फार्म, जौनपुर, डेरा मंडी और असोला से जुड़ता है।
4 km हिस्से में हर दिन दौड़ती है 82 से ज्यादा कारें
पीडब्ल्यूडी की स्टडी के मुताबिक, इस 4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर अभी हर दिन 82,800 यात्री कारें दौड़ती हैं। इतना ही नहीं, पीक आवर्स में संख्या बढ़कर 4,900 कारें प्रति घंटा तक पहुंच जाती है। स्टडी में बताया गया है कि अणुव्रत मार्ग पर सिग्नल के चलते से इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक की समस्या होती है। स्टडी में आगे कहा गया है कि ट्रैफिक की मौजूदा स्थिति से पता चलता है कि एसएसएन मार्ग पर जाम की मुख्य वजह कॉरिडोर की लंबाई नहीं, बल्कि चौराहे पर होने वाली देरी है।
दिल्ली शहर में सड़कों पर जाम कम करने और ट्रैफिक की आवाजाही आसान बनाने की योजना के तहत सरकार अहम रास्तों पर 18 फ्लाईओवर और कॉरिडोर बनाने की योजना पर विचार कर रही है।


