दिल्ली में प्रदूषण पर और ज्यादा पैनी होगी नजर, रेखा सरकार कर रही यह बड़ा काम
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा था कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि दिल्ली में हर 25 वर्ग किलोमीटर के इलाके में कम से कम एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन हो, ताकि प्रदूषण के स्तर और उसके स्रोतों के बारे में पूरा और सटीक डेटा मिल सके।

दिल्ली में होने वाले प्रदूषण पर और ज्यादा बारीकी से नजर रखने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ी तैयारी करके रखी है। इस दौरान सरकार की तरफ से इस साल शहर को 13 नए CAAQMS (कंटीन्यूअस एम्बिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन) देने की तैयारी की है। इनमें से 10 स्टेशनों पर तो काम भी शुरू हो चुका है और इनके अक्टूबर तक शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि यह काम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के फरवरी में दिए उस निर्देश के अनुरूप हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार का लक्ष्य हर 25 वर्ग किलोमीटर पर कम से कम एक स्टेशन सुनिश्चित करना है।
DPCC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी में इस साल 13 नए CAAQMS (निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन) स्थापित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य दिल्ली में होने वाले प्रदूषण पर अपनी निगरानी प्रणाली को और मजबूत करना है। अधिकारी ने आगे बताया कि देश के सभी शहरों के मुकाबले पहले से ही दिल्ली में सबसे ज्यादा एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन हैं, साथ ही CAAQMS की डेंसिटी भी सबसे ज्यादा है।'
DPCC के पास 10 स्टेशनों का काम
अधिकारी ने बताया कि नए लगने वाले स्टेशनों में से 10 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों की योजनाओं पर DPCC (दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति) काम कर रही है, जबकि बाकी बचे तीन स्टेशनों का काम IITM (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मीटियोरोलॉजी) संभालेगा, और इनके जुलाई के आस-पास चालू होने की उम्मीद है। हालांकि, नए CAAQMS कहां स्थापित किए जाएंगे उनकी जगहें अभी तक तय नहीं हुई हैं।
वरिष्ठ अधिकारी ने आगे कहा कि, 'अभी दिल्ली में 47 CAAQMS हैं, और 13 नए स्टेशन लगाने की योजना है। इन नए स्टेशनों के बाद यह अंतर और ज्यादा बढ़ जाएगा।' एक अन्य अधिकारी ने PTI को बताया, 'DPCC एक 'सुपरसाइट' भी तैयार कर रही है, जो प्रदूषण के स्रोतों से जुड़ा गहरा और विस्तृत डेटा इकट्ठा किया जाएगा।'
क्या होता है CAAQMS?
CAAQMS एक स्वचालित प्रणाली है जो बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के 24 घंटे और सातों दिन, वास्तविक समय में वायु प्रदूषकों की सांद्रता (concentrations) को मापती है। यह PM10, PM2.5 समेत कई अन्य प्रदूषकों के साथ-साथ मौसम संबंधी डेटा भी तत्काल उपलब्ध कराती है, ताकि प्रदूषण के स्तर पर नजर रखी जा सके और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
सीएम रेखा गुप्ता ने दिए थे खास निर्देश
इसी साल फरवरी में, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छह नए CAAQMS का उद्घाटन किया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है कि दिल्ली में हर 25 वर्ग किलोमीटर के इलाके में कम से कम एक एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन हो, ताकि प्रदूषण के स्तर और उसके स्रोतों के बारे में पूरा और सटीक डेटा मिल सके।
47 स्टेशनों में से किसका संचालन किसके पास?
दिल्ली के मौजूदा कुल 47 स्टेशनों में से 30 का संचालन DPCC करती है, 7 का IMD (इंडिया मीटियोरोलॉजिकल डिपार्टमेंट), तीन का IITM, छह का 'सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड' (CPCB) और एक का 'आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय' (MoHUA) करता है।
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