
तुमने कंडोम यूज किया... स्वामी चैतन्यानंद लड़कियों से पूछता था कैसे-कैसे सवाल; 10 बड़े खुलासे
दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर 17 से अधिक छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस केस से जुड़े 10 बड़े खुलासे जानिए।
दिल्ली के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर 17 से अधिक छात्राओं ने यौन उत्पीड़न, ब्लैकमेलिंग और जबरन निजी यात्राओं के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें स्वामी ने डिग्री रोकने और हॉस्टल में सीक्रेट कैमरों के जरिए छात्राओं पर नजर रखने का खुलासा हुआ है।
दिल्ली के वसंत कुंज में श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट (ShriSIIM) के प्रमुख स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर 17 से अधिक छात्राओं ने यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस और पीड़ितों की कहानियां एक ऐसी डरावनी तस्वीर पेश करती हैं, जो आध्यात्मिकता के नाम पर छिपे अपराधों को उजागर करती है। चैतन्यानंद से जुड़े 10 चौंकाने वाले खुलासे हम आपको बता रहे हैं।
हॉस्टल में छिपे सीक्रेट कैमरे
स्वामी चैतन्यानंद ने 'सुरक्षा' के नाम पर हॉस्टल में सीसीटीवी कैमरे लगवाए, जिनमें बाथरूम के आसपास के इलाके भी शामिल थे। हैरानी की बात? ये कैमरे सीधे उनके फोन से जुड़े थे। छात्राओं का कहना है कि स्वामी उनकी निजी जिंदगी पर नजर रखते थे और उनसे उनकी नहाने की आदतों तक के बारे में अश्लील सवाल पूछते थे।
अश्लील कमेंट्स और रात के मैसेज
पीड़ित छात्राओं ने बताया कि स्वामी उनसे बेहद आपत्तिजनक सवाल करते थे, जैसे- 'क्या तुम अपने बॉयफ्रेंड के साथ सोई हो?' या 'क्या तुमने कंडोम यूज किया?' इतना ही नहीं, रात के समय उनके व्हाट्सएप पर 'बेबी, आई लव यू' जैसे मैसेज आते थे।
सार्वजनिक अपमान और डर का माहौल
स्वामी चैतन्यानंद कथित तौर पर छात्राओं को उनके सहपाठियों के सामने बेइज्जत करते थे। हरियाणा की एक छात्रा को चरित्रहीन कहा गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि उसका बॉयफ्रेंड था। एक अन्य छात्रा ने बताया कि उसने एक लड़की को स्वामी के ऑफिस से फटे कपड़ों और आंसुओं के साथ भागते देखा।
होली के बहाने उत्पीड़न
त्योहारों को भी स्वामी ने अपने काले कारनामों का हिस्सा बना लिया। होली के मौके पर छात्राओं को कथित तौर पर लाइन में खड़ा करवाया जाता था और स्वामी उनके माथे और गालों पर रंग लगाते थे। स्टाफ की ओर से सख्त हिदायत थी कि स्वामी से पहले कोई और रंग नहीं लगाएगा।
रात में बुलावा और जबरन यात्राएं
कई छात्राओं ने खुलासा किया कि स्वामी उन्हें रात में अपने निजी क्वार्टर में बुलाते थे। कुछ को जबरन देश-विदेश की यात्राओं पर ले जाया जाता था। एक शिकायतकर्ता ने बताया कि वह बार-बार दबाव डालने के बावजूद मथुरा की यात्रा से बच निकली।
डिग्री का ब्लैकमेल, पैसे की उगाही
स्वामी के खिलाफ आवाज उठाने वाली छात्राओं को कथित तौर पर अटेंडेंस में हेरफेर, अंकों में कटौती या डिग्री रोकने की धमकी दी जाती थी। एक छात्रा को अपनी मूल डिग्री वापस पाने के लिए 15,000 रुपये देने पड़े। 2015 की एक स्नातक ने स्वामी के केबिन से एक लड़की को फटे कपड़ों में रोते हुए भागते देखा था। डर के मारे कई छात्राओं ने पढ़ाई ही छोड़ दी।
सहयोगियों की मिलीभगत
एफआईआर में तीन महिला स्टाफ, जिनमें एसोसिएट डीन भी शामिल हैं, का नाम सामने आया है। इन लोगों ने कथित तौर पर छात्राओं पर स्वामी के आदेश मानने का दबाव बनाया, सबूत मिटाने को कहा और एक छात्रा को तो अपना नाम तक बदलने के लिए मजबूर किया।
अवैध निगरानी और धमकियां
2016 की एक शिकायतकर्ता ने बताया कि स्वामी ने उसका फोन छीन लिया, उसे हॉस्टल में अलग-थलग कर दिया और लैंडलाइन कॉल्स व कैमरों के जरिए उसकी हर हरकत पर नजर रखी। स्वामी ने उसे अपने रसूखदार संपर्कों से डराया और धमकी दी कि वह उनके खिलाफ कुछ नहीं कर सकती।
लग्जरी कारें और फर्जी नंबर प्लेट
पुलिस ने स्वामी की 1.5 करोड़ की बीएमडब्ल्यू जब्त की, जिसे कथित तौर पर छात्राओं को इंडस्ट्रियल विजिट के बहाने ऋषिकेश ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इंस्टीट्यूट के बेसमेंट में एक वॉल्वो कार भी मिली, जिस पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट ("39 UN 1") थी।
धोखाधड़ी और आर्थिक शोषण
पुलिस का दावा है कि स्वामी ने अपने नाम से फर्जी किताबें छपवाईं, इंस्टीट्यूट से प्रिंटिंग प्रेस चलाई, इमारत के फ्लोर निजी कंपनियों को किराए पर दिए और फंड का दुरुपयोग कर लग्जरी गाड़ियां खरीदीं। इतना ही नहीं, उन्होंने सीसीटीवी फुटेज नष्ट करने के लिए डीवीआर के साथ छेड़छाड़ भी की।
फरार है 'स्वामी'
60 की उम्र पार कर चुके स्वामी चैतन्यानंद अगस्त से फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, वह बार-बार भेष बदल रहा है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज से बच रहा है। उसकी आखिरी लोकेशन मुंबई के पास ट्रेस की गई थी। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया है।





