दिल्ली में SIR का शेड्यूल फिर बदला, अब 4 नवंबर को जारी होगा फाइनल वोटर लिस्ट

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में एसआईआर कार्यक्रम में एक बार फिर बदलाव किया गया है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर के बजाय अब 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। वोटरों को सलाह दी है कि वे 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद उसे देखें और अपने नाम और जानकारी की पुष्टि करें।

SIR in Delhi
SIR in Delhi

भारत निर्वाचन आयोग ने बुधवार को दिल्ली में मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (एसआईआर) के कार्यक्रम में बदलाव किया है। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के अहम चरणों को एक हफ्ते और अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को आठ दिन के लिए टाल दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि तारीखों में इसलिए बदलाव किया गया है क्योंकि पोलिंग स्टेशनों को सही ढंग से व्यवस्थित करने (रैशनलाइजेशन) का काम अभी पूरा नहीं हुआ है।

इस प्रक्रिया के तहत यह पक्का करना है कि किसी भी पोलिंग स्टेशन पर 1200 से ज्यादा वोटर न हों। मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा कि हमने चुनाव आयोग को जानकारी भेज दी है। हम रैशनलाइजेशन के लिए उनकी मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी के ऑफिस से बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, चुनाव आयोग की चिट्ठी के बाद नया शेड्यूल जारी किया गया है।

यह तीसरी बार है जब चुनाव अधिकारियों ने एसआईआर शेड्यूल में बदलाव किया है। पोलिंग स्टेशन रैशनलाइजेशन की समयसीमा 24 अगस्त तक बढ़ाई गई है। नई समयसीमा के तहत पोलिंग स्टेशनों के रैशनलाइजेशन और उन्हें फिर से व्यवस्थित करने का काम पहले 17 अगस्त तक पूरा होना था। अब इसे 24 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। इसी तरह ड्राफ्ट वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) का प्रकाशन 24 अगस्त की बजाय अब 31 अगस्त को होगा।

मुख्य चुनाव अधिकारी के बयान के अनुसार, दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि को बदलकर 31 अगस्त से 30 सितंबर कर दिया गया है। दावों और आपत्तियों का निपटारा जो 24 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच होना था, उसे अब 31 अगस्त से 29 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

मुख्य चुनाव कार्यालय ने कहा कि जिन मतदाताओं ने अपने एन्यूमरेशन फ़ॉर्म जमा किए हैं वे 31 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होने के बाद उसमें अपना नाम देख सकेंगे। ड्राफ्ट लिस्ट को मुख्य चुनाव कार्यालय दिल्ली की वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाएगा।

दिल्ली में 1.45 करोड़ से ज्यादा वोटरों को अधूरे भरे हुए फॉर्म बांटने की गिनती की प्रक्रिया 30 जून से शुरू होकर 17 अगस्त को खत्म हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 97.52 लाख (67.21%) गिनती वाले फॉर्म जमा और डिजिटाइज किए गए। इससे 47.59 लाख (32.79%) वोटर ड्राफ्ट रोल से हटाए गए। दिल्ली के दक्षिण-पूर्व जिले में सबसे कम 56.38% डिजिटाइजेशन दर्ज किया गया, जबकि बाहरी उत्तरी जिले में सबसे ज्यादा 75.68% दर्ज किया गया।

मुख्य चुनाव कार्यालय ने वोटरों को सलाह दी है कि वे 31 अगस्त को ड्राफ्ट रोल प्रकाशित होने के बाद उसे देखें और अपने नाम और जानकारी की पुष्टि करें। संशोधित शेड्यूल के अनुसार दिल्ली के लिए फाइनल वोटर लिस्ट अब 4 नवंबर को उपलब्ध होगी।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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