दिल्ली बिल्डिंग हादसे में 5 की मौत; मालिक पर मामला दर्ज, तलाश में जुटी पुलिस
दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही 5 मंजिला इमारत के गिरने की घटना के जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था।

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को दोपहर बाद पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही 5 मंजिला इमारत भरभराकर ध्वस्त हो गई। हादसे में अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला गया है। कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। दिल्ली पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम एवं अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर के जांच शुरू कर दी है।देर रात तक राहत और बचाव अभियान जारी था।
इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस अधिकारी ने बताया कि साउथ कैंपस थाने में बीएनएस की धारा 105, 290 और 125(ए) में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या, इमारत के रखरखाव में लापरवाही और अन्य लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत में पीजी संचालित किया जा रहा था। आरोप है कि भवन के बेसमेंट पर काम चल रहा था और इसी दौरान इमारत अचानक भरभराकर गिर गई।
मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा- घटनास्थल की जांच के आधार पर मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच और इमारत के मालिक के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
इमारत के मालिक की तलाश
हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के दबने की आशंका को देखते हुए बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। अब तक 10 लोगों को मलबे से निकालकर बचाया जा चुका है। इनमें से चार लोगों को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने मालिक हरिराम और अन्य आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बिल्डिंग में काम नियमों के अनुसार कराया जा रहा था या नहीं। बचाव अभियान अभी जारी है।
गुरुग्राम में रहता है मालिक
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 7 से 8 टीमें इमारत के मालिक की तलाश कर रही हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इमारत को 'हॉस्टल डेज' के नाम से चलाया जा रहा था। इसका मालिक गुरुग्राम में रहता है।
इलाके में कई पीजी
संकरी एवं भीड़भाड़ वाली गलियों वाले इस इलाके में कई छात्रावास और भोजनालय हैं। इलाके में रहने वाले अधिकतर छात्र केरलम, हरियाणा और यूपी से हैं। ये छात्र पास के कॉलेजों में पढ़ते हैं।
पास-पास इमारतें, रात और बचाव में मुश्किलें
स्थानीय लोगों ने कहा कि बेहद पास-पास बनी इमारतों और बड़ी संख्या में छात्रों की मौजूदगी के कारण अक्सर आने-जाने के लिए बहुत कम जगह बचती है।
हर छात्र से 12 हजार रुपये का किराया
दिल्ली पुलिस में काम करने वाले स्थानीय निवासी राजन छेत्री ने बताया कि इमारत में लगभग 15 कमरे थे। हर कमरे में 2 से 3 छात्र रहते थे। स्टूडेंट प्रति बिस्तर करीब 12 हजार रुपये किराया दे रहे थे। बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य हो रहा था। इससे पानी जमा होने लगा था। नींव भी बेहद कमजोर हो गई थी। एक अधिकारी ने कहा कि संयुक्त पुलिस आयुक्त, नई दिल्ली रेंज, डीसीपी साउथवेस्ट और अतिरिक्त डीसीपी ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। पिछले 20-22 वर्षों से इलाके में रह रहीं प्रियंका ने कहा कि 20 साल से अधिक पुरानी इमारत में कोई मेंटिनेंस नहीं था।


