दिल्ली बिल्डिंग हादसा; प्रति बेड 12,000 किराया लेते हैं लेकिन नहीं करते मेंटिनेंस
दिल्ली के सत्य निकेतन में 50 साल पुरानी 5 मंजिला पीजी इमारत गिरने से 3 छात्रों की मौत हो गई और कई मलबे में फंस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी किराया वसूलने के बावजूद मकान मालिक इमारतों का मेंटेनेंस नहीं करवाते।

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके की एक संकरी गली में पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही 50 साल पुरानी 5 मंजिला इमारत रविवार दोपहर बाद भरभराकर गिर गई। हादसे में 3 छात्रों की मौत हो गई जबकि कई मलबे में फंसे हैं। इस घटना के बाद दिल्ली में संचालित हो रहे स्टूडेंट पीजी को लेकर कई हैरान करने वाले खुलासे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में 5 से 6 मंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं। कई इमारते स्टूडेंट पीजी बना दी जाती है। भारी भरकम किराया वसूलने के बावजूद मकान मालिक इमारतों का मेंटिनेंस नहीं कराते।
धड़ल्ले से खड़ी की जा रही इमारतें
इलाके में बीते 20 से 22 वर्षों से रह रहीं प्रियंका ने कहा कि यहां 5 से 6 मंजिला इमारतें खड़ी की जा रही हैं। कई मकानों को लड़कों के पीजी (पेइंग गेस्ट) में तब्दील कर दिया गया है और मालिक कहीं और चले गए हैं।
ऑनलाइन लेते हैं किराया, मकान देखने तक नहीं आते
प्रियंका ने कहा कि मकान मालिक कहीं और रहते हैं। उनको बस महीने के किराए से मतलब होता है। वे इमारत पर पीजी का बोर्ड लगाते हैं और छात्रों को किराए पर कमरे दे देते हें। मकान मालिक किराया ऑनलाइन लेते हैं। मकान मालिक इलाके में वापस आकर यह तक नहीं देखते कि इमारत की स्थिति क्या है।
कोई मेंटिनेंस होते नहीं देखा
प्रियंका ने एक और हैरान करने वाली जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो इमारत गिरी है, वह काफी पुरानी है। मुझे इलाकों में काफी समय रहते हुए हो गए लेकिन इतने वर्षों में मैंने यहां कोई मेंटिनेंस का काम होते नहीं देखा। पूरा सत्य निकेतन इलाका स्टूडेंट पीजी से भरा है। लेकिन मुश्किल से 30 फीसदी मकान मालिक ही यहां रहते हैं।
गलियों में नालियां और सीवर खुले
प्रियंका ने कहा कि गलियों में नालियां और सीवर खुले हैं। इमारत के भीतर कई छात्र फंसे हैं। बारिश हो रही थी, इसलिए ज्यादातर छात्र अपने कमरों में थे, जबकि वीकेंड के कारण कुछ घर चले गए थे। जो घर गए थे वे बच गए।
प्रति बेड 12 हजार तक का किराया
दिल्ली पुलिस में काम करने वाले स्थानीय निवासी राजन छेत्री ने बताया कि इमारत में लगभग 15 कमरे थे। इमारत के हर कमरे में 2 से 3 छात्र रहते थे। मकान मालिक प्रति बेड करीब 12 हजार रुपये तक का किराया वसूलते हैं। इलाके में ज्यादातर छात्र केरलम, हरियाणा और यूपी से हैं। स्टूडेंट मोतीलाल नेहरू कॉलेज, आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज और श्री वेंकटेश्वर कॉलेज में पढ़ते हैं। छेत्री ने यह भी खुलासा किया कि इमारत के बेसमेंट में कुछ निर्माण कार्य किया जा रहा था। इस जगह पर पानी जमा होने लगा था। नींव भी बेहद कमजोर थी। इसने हादसे को न्यौता दिया।


