
बारिश गए ढाई महीने हो गए, फिर भी रोज 'बरसता' है दिल्ली का ये अंडरपास!
साउथ दिल्ली का 144 करोड़ रुपये का RTR अंडरपास मानसून खत्म होने के दो महीने बाद भी छत से पानी टपकने और जलजमाव के कारण तालाब बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण NDMC, DJB, और PWD की पाइपलाइनों में रिसाव है और कोई भी विभाग जिम्मेदारी नहीं ले रहा है।
मानसून तो अलविदा कह गया, लेकिन साउथ दिल्ली का मशहूर RTR अंडरपास अभी भी 'अंदर से बरसात' मना रहा है। बेनिटो जुआरेज मार्ग से रिंग रोड तक जाने वाला ये 1.2 किलोमीटर लंबा Y-आकार का अंडरपास चार साल पहले बड़े धूमधाम से खोला गया था, मगर आज भी इसकी छत, दीवारें और साइड पैनल से पानी टपकता है। जगह-जगह गड्ढे, नाले बंद और पूरा अंडरपास कई हिस्सों में तालाब बना हुआ।
दो महीने से बारिश नहीं, फिर भी तालाब बना हुआ है
दिल्ली में मानसून ढाई महीने पहले खत्म हो चुका है, लेकिन अंडरपास के अंदर का नजारा वैसा ही है जैसे अभी-अभी तेज बारिश हुई हो। सोमवार को मौके पर जांच की गई तो छत से पानी की बूंदें लगातार गिर रही थीं। नाले कचरे से पूरी तरह बंद हैं और सड़क पर कीचड़ जमा है।
तीन पाइपलाइनें, तीन विभाग, कोई जिम्मेदारी नहीं
समस्या की जड़ अंडरपास के ठीक ऊपर से गुजरने वाली तीन बड़ी पानी की पाइपलाइनों में है। इनमें से एक NDMC की, एक दिल्ली जल बोर्ड की (हैदरपुर प्लांट से आती है) और एक PWD की है। PWD अधिकारियों का कहना है कि हैदरपुर वाली लाइन में बड़ा रिसाव है, जिससे पानी अंडरपास में गिर रहा है। दिल्ली जल बोर्ड ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया। NDMC ने सोमवार को कहा कि उनकी पाइपलाइन की मरम्मत शुरू कर दी गई है और रात में सप्लाई चालू होने पर फिर जांच करेंगे।
रोजाना हजारों लोग जोखिम में
ऐप से डिलीवरी करने वाले राकेश साहू (43) ने बताया, 'यहां मोड़ तेज हैं, सड़क फिसलन भरी है और गड्ढे हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हफ्तों से दीवारों से पानी टपक रहा है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।'
144 करोड़ का प्रोजेक्ट, मेंटेनेंस जीरो
2013 में मंजूर हुआ यह प्रोजेक्ट 8 बार डेडलाइन चूक चुका है। पहले सिर्फ हाई-टेंशन तार हटाने में ढाई साल लग गए। मूल बजट 102 करोड़ था, जो बढ़कर 144 करोड़ हो गया। 2019 में फ्लाईओवर खुला, अंडरपास बाद में खुला, लेकिन खुलने के बाद से ही जलभराव की समस्या बनी हुई है।





