
दिल्ली में सड़कों पर पैदल चलने वाले सबसे ज्यादा जान गंवा रहे, ये आंकड़े हैरान कर देंगे
दिल्ली में साल 2025 के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में मौतों का आंकड़ा सात साल के उच्चतम स्तर 1617 पर पहुँच गया है, जिसमें मरने वाले 40 फीसदी लोग पैदल यात्री हैं और हादसों की मुख्य वजह तेज रफ्तार रही है।
राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर बढ़ी है। वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं में 1617 लोगों ने जान गंवाई, जोकि बीते सात वर्षों में सबसे अधिक दर्ज की गई। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े बता रहे हैं कि सड़क पर पैदल यात्री सबसे अधिक असुरक्षित हैं। मरने वालों में 40 फीसदी लोग पैदल यात्री थे।
मृत्यु दर में 4.26 फीसदी बढ़ोतरी
वर्ष 2025 में कुल 5689 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 1578 दुर्घटनाएं घातक रहीं, जिनमें 1617 लोगों की मौतें हुईं। वर्ष 2019 से पिछले साल अंत तक मौतों का यह सबसे अधिक आंकड़ा है। विश्लेषण करें तो वर्ष 2024 की तुलना में बीते वर्ष कुल दुर्घटनाओं में भले ही मामूली 0.57 फीसदी की वृद्धि हुई, लेकिन घातक दुर्घटनाओं में 4.92 फीसदी और मौतों में 4.26 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
ऐसी दुर्घटनाएं घटीं, जिनमें कोई घायल नहीं
सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की संख्या वर्ष 2025 में 5314 रही, जोकि उससे पिछले वर्ष की तुलना में 1.7 फीसदी अधिक है। वर्ष 2024 में 5224 लोग घायल हुए थे। इसके विपरीत, बिना चोट वाली दुर्घटनाओं में 27.4 की गिरावट आई है, जोकि चिंता का विषय है। वर्ष 2025 में ऐसे 61 मामले रहे, जबकि वर्ष 2024 में ऐसी 84 सड़क दुर्घटनाएं थीं।
ये हैं कारण
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनाओं में मृत्यु अधिक होने के पीछे कई कारण हैं। इनमें सड़को पर यातायात घनत्व में वृद्धि, तेज गति में वाहन दौड़ाना, नशे में गाड़ी चलाना, लाल बत्ती का उल्लंघन करना, हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं लगाना प्रमुख वजह हैं। अधिकारी की मानें तो पैदल यात्रियों के लिए वाहनों की रफ्तार काल बनी है। पिछले वर्ष 330 पैदल यात्रियों की मौत के मामलों में यही नहीं पता चल पाया कि दुर्घटना किस वाहन से हुई। इस कारण आरोपी पकड़े नहीं जा सके।





