दिल्लीवालों ने इस साल 150 दिन साफ हवा में ली सांस, सुधार की 4 मुख्य वजह; देखें पिछले 10 साल का डेटा
Delhi Air Quality : वायु प्रदूषण से परेशान रहने वाले दिल्लीवालों के लिए अच्छी खबर है। राजधानी में अब तक 150 साफ हवा वाले दिन दर्ज किए गए हैं। इससे पहले कोविड लॉकडाउन के दौरान साल 2020 में सर्वाधिक 173 दिन लोगों को साफ हवा मिली थी।

राजधानी दिल्ली में सोमवार तक दिल्ली ने इस साल के अभी तक बीते कुल 229 दिनों में से 150वें दिन साफ हवा में सांस ली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़े बताते हैं कि कोविड वर्ष 2020 के बाद से इस साल अभी तक सबसे ज्यादा दिन हवा की गुणवत्ता साफ-सुथरी है।
मॉनसून की अच्छी बारिश और तेज गति से चलने वाली हवाओं के चलते दिल्ली की हवा पिछले लगभग ढाई महीनों से लगातार साफ-सुथरी बनी हुई है। इस दौरान ज्यादातर दिनों में दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 से नीचे बना हुआ है।
सीपीसीबी के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 111 के अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को मध्यम श्रेणी में रखा जाता है। एक दिन पहले यह सूचकांक 92 के अंक पर रहा था। यानी चौबीस घंटों के दौरान इसमें 19 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन, यह अभी भी सुरक्षित दायरे में है।
सीपीसीबी के अनुसार, शून्य से 50 के बीच का एक्यूआई 'अच्छी', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच का एक्यूआई 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
दस वर्षों में लगातार आया सुधार
दिल्ली की हवा में बीते दस सालों में लगातार सुधार दर्ज किया गया है। इसीलिए वायु गुणवत्ता में हुए सुधार के पीछे अच्छे मौसम के साथ-साथ प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए तमाम कदमों की भी भूमिका मानी जाती है। अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2017 में इस अवधि तक साफ हवा वाले दिन 104 और खराब हवा वाले दिनों की संख्या 125 रही थी।
सुधार की 4 मुख्य वजह
- सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मौसम है। इस साल अच्छी मॉनसूनी बारिश हुई है। पहले भी प्रदूषण घटा है।
2. प्रदूषण घटाने के लिए दस वर्षों में उद्योग पीएनजी या स्वच्छ ईंधन पर शिफ्ट। कई पाबंदियां लगाई।
3. वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए चरणबद्ध तरीके से कदम उठाए जा रहे हैं।
4. दिल्ली में कोयला आधारित दो बिजली संयंत्र बंद किए गए। इसके चलते दिल्ली एंटी स्मोग गन, मिस्ट ये आदि की भी भूमिका।
कोविड के दौरान सबसे साफ रही थी
वायु गुणवत्ता के मामले में वर्ष 2020 को एक अपवाद वर्ष के तौर पर गिना जाता है। कोविड प्रतिबंधों के चलते वाहनों के संचालन पर रोक थी। निर्माण गतिविधियां ठप पड़ी थीं और उद्योग भी बंद थे। इसके चलते प्रदूषण का स्तर भी बेहद कम रहा था। उस समय इस अवधि तक साफ हवा वाले दिनों की संख्या 173 रही थी।


