26 जनवरी से पहले दिल्ली में अलर्ट, मेट्रो स्टेशनों-बाजारों में लगाए वांटेट आतंकियों के पोस्टर

Jan 17, 2026 05:35 pm ISTAnubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस की सुरक्षा के मद्देनजर मेट्रो और बाजारों में अर्श डल्ला समेत कई आतंकियों के पोस्टर लगाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां खालिस्तानी और अल-कायदा मॉड्यूल से जुड़े इन संदिग्धों पर पैनी नजर रख रही हैं ताकि राष्ट्रीय पर्व पर किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

26 जनवरी से पहले दिल्ली में अलर्ट, मेट्रो स्टेशनों-बाजारों में लगाए वांटेट आतंकियों के पोस्टर

देश की राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी सूरत में कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं। इसी वजह से मेट्रो स्टेशनों, चौराहों और व्यस्त बाजारों में ताजा 'मोस्ट वांटेड' आतंकियों के पोस्टर चिपका दिए गए हैं। ये पोस्टर लोगों को सतर्क करने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का भी संकेत दे रहे हैं।

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खालिस्तान टाइगर फोर्स का सरगना अर्श डल्ला टॉप पर

टीओआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टरों में सबसे प्रमुख नाम है अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला का, जो खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का चीफ है। यह शख्स पहले पंजाब में गैंगस्टर था, लेकिन अब कनाडा से बैठकर अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क चला रहा है। हरदीप सिंह निज्जर की मौत (जून 2023 में कनाडा में) के बाद उसने संगठन की कमान संभाली। खुफिया एजेंसियां इसे सांप्रदायिक अशांति फैलाने का मास्टरमाइंड मानती हैं। सबसे चर्चित मामला 2022 का है, जब दिल्ली में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या कराई गई। हत्यारों नौशाद और जग्गा ने शिकार को सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि उसके शरीर पर शिव और त्रिशूल का टैटू था। अर्श डल्ला फिलहाल कनाडा में है, जहां हाल ही में उसकी एक गोलीबारी की घटना में शामिल होने की खबर आई। भारतीय एजेंसियां उसके नेटवर्क को खत्म करने में जुटी हैं ताकि गणतंत्र दिवस पर कोई गड़बड़ न हो।

अन्य खालिस्तानी आतंकी भी लिस्ट में शामिल

इसके अलावा पोस्टरों में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के चीफ रंजीत सिंह नीता और परमजीत सिंह पम्मा को जगह मिली है । नीता लंबे समय से हथियार तस्करी और बॉर्डर पार मिलिटेंसी का खेल खेल रहा है। वहीं पम्मा अलगाववादी गतिविधियों के लिए लॉजिस्टिक्स और फंडिंग का इंतजाम करता है। दिल्ली पुलिस इन सभी को साथ रखकर साफ संदेश दे रही है कि खालिस्तानी आतंक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिहादी तत्वों पर भी सख्त नजर

सुरक्षा बल खालिस्तानी धमकी के साथ-साथ जिहादी तत्वों पर भी फोकस कर रहे हैं। नए पोस्टरों में संभल के दीपा सराय से शरजील अख्तर, आईएस मॉड्यूल केस में वांटेड मोहम्मद रेहान और अल-कायदा से जुड़ा झारखंड के चतरा का मोहम्मद अबू सुफियान भी शामिल है।

सुफियान 2012 में जमशेदपुर के एक मदरसे में ट्रेनिंग ले चुका है। उसके बाद पाकिस्तान गया, नेपाल होते हुए 2015 में भारत लौटा। यहां मौलाना अब्दुल रहमान से मिलकर उसने अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) के लिए कैडर तैयार करना शुरू किया। वह कभी गिरफ्तार नहीं हुआ। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि वह अब अफगानिस्तान या PoK में है और भारत में सो स्लीपर सेल्स के जरिए युवाओं को भर्ती-ट्रेनिंग दे रहा है।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें