
डॉक्टरों की आड़ में चल रहा खौफनाक आतंकी मॉड्यूल, AK-47 से डीप फ्रीजर तक… चौंकाने वाले खुलासे
लाल किला कार बम धमाके की जांच में खुलासा हुआ है कि एक खतरनाक आतंकी मॉड्यूल में डॉक्टर और इंजीनियरिंग छात्र शामिल थे, जिन्होंने 5 लाख से ज्दाया में AK-47 खरीदी और डीप फ्रीजर में विस्फोटक मिश्रण को सुरक्षित रखा था।
बीते 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार बम धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। अब जांच एजेंसियों ने जो राज उगले हैं, उन्हें सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे। पढ़ाई कर रहे डॉक्टर, इंजीनियरिंग के स्टूडेंट और मुफ्ती सब एक खतरनाक अंतरराष्ट्रीय साजिश के मोहरे बने हुए थे।

5 लाख से ज्यादा में खरीदी AK-47, लॉकर से बरामद
जांच में पता चला है कि पुलवामा का डॉ. मुजम्मिल शकील गनाई ने 5 लाख रुपये से ज्यादा की कीमत में एक AK-47 राइफल खरीदी थी। यह हथियार अनंतनाग के डॉ. अदील अहमद राथर के लॉकर से बरामद हुआ।
डीप फ्रीजर में रखा जा रहा था खतरनाक विस्फोटक मिश्रण
सबसे हैरान करने वाली बात आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी ने नूह से केमिकल और फरीदाबाद-दिल्ली से इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स खरीदे। फिर घर में एक डीप फ्रीजर लगवाया। उस फ्रीजर का इस्तेमाल विस्फोटक मिश्रण को स्थिर और सुरक्षित रखने के लिए किया जा रहा था।
हर आरोपी का अलग हैंडलर, लेयर दर लेयर नेटवर्क
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इस मॉड्यूल में हर शख्स अलग-अलग हैंडलर को रिपोर्ट कर रहा था। मनसूर और हाशिम नाम के दो हैंडलर थे, जिनके ऊपर एक सीनियर हैंडलर था। मतलब पूरा सिस्टम लेयर में बना था ताकि कोई एक पकड़ा जाए तो दूसरा बच जाए।
2022 में तुर्की भेजा गया, अफगानिस्तान ले जाना था
खुलासा यह भी हुआ है कि 2022 में मुजम्मिल, अदील और एक अन्य आरोपी मुजफ्फर को TTP से जुड़े ओकासा नाम के शख्स ने तुर्की बुलाया था। वहां से इन्हें अफगानिस्तान ले जाने का प्लान था, लेकिन आखिरी मौके पर हैंडलर ने मना कर दिया। सारी बातचीत टेलीग्राम पर हो रही थी।
यूनिवर्सिटी कैंपस में पैसों को लेकर खूनी झगड़ा
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में मुजम्मिल और उमर के बीच पैसे को लेकर इतना बड़ा झगड़ा हुआ कि कई स्टूडेंट्स ने देखा। झगड़े के बाद उमर ने अपनी लाल ईकोस्पोर्ट कार (जिसमें पहले से ही विस्फोटक भरा हुआ था) मुजम्मिल को सौंप दी। यह मॉड्यूल सिर्फ एक धमाके तक सीमित नहीं था। कई जगहों पर विस्फोटक छिपाने और एक साथ हमले करने की पूरी तैयारी थी। फरीदाबाद से 2500 किलो से ज्यादा अमोनियम नाइट्रेट बरामद होना इसी बात की तस्दीक करता है।





