गलत बम बना बैठे आतंकी, नहीं तो दिल्ली में और खून बहता, चौंकाने वाला खुलासा

गलत बम बना बैठे आतंकी, नहीं तो दिल्ली में और खून बहता, चौंकाने वाला खुलासा

संक्षेप:

Delhi Blast: शुरुआत में माना जा रहा था कि धमाके के दौरान कार में तीन लोग सवार थे, लेकिन अब साफ हो गया है कि सिर्फ उमर ही कार में था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कार में करीब 3 घंटे इंतजार के दौरान इंटरनेट पर फरीदाबाद में सहयोगियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी जुटाई थी।

Nov 12, 2025 08:22 am ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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Delhi Blast: दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही गई घायल हो गए थे। अब खबर है कि विस्फोटक पूरी तरह से विकसित नहीं था, जिसके चलते उसका प्रभाव सीमित रहा। फिलहाल, फॉरेंसिक जांच चल रही है कि घटनास्थल पर किस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। धमाके के तार फरीदाबाद में बरामद हुए हजारों किलों सामग्री से जुड़ रहे हैं।

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पीटीआई के अनुसार, एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'संभावनाएं हैं कि संदिग्ध फरीदाबाद में हुई रेड से डर गया था, जिसके चलते वह हड़बड़ी में जगह बदलने लगा और अनहोनी की आशंका बढ़ गई। ऐसा लगता है कि आवागमन के दौरान यह घटना संदिग्ध आत्मघाती हमले से अनजाने में हुए विस्फोट में बदल गई थी।' एजेंसी को सूत्रों ने बताया है कि पुलिस आत्मघाती हमला समेत कई पहलुओं पर जांच करर ही है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि खुफिया टीमों के शुरुआती आकलन से पता चला है कि IED को गलत तरीके से बनाया गया था, जिसके चलते इसका विनाशकारी प्रभाव सीमित हो गया था। उन्होंने कहा, 'बम समय से पहले फट गया और पूरी तरह से विकसित नहीं था। ऐसे में इसका प्रभाव सीमित रहा। विस्फोट से कोई गड्ढा नहीं बना और कोई छर्रे भी बरामद नहीं हुए हैं।'

किसने किया धमाका?

पुलिस जांच जम्मू और कश्मीर के पुलवामा के रहने वाले डॉक्टर उमर नबी तक पहुंची है। खास बात है कि जिस i20 कार में धमाका हुआ, उसे उमर ही चला रहा था। कथित तौर पर उसके तार हरियाणा के फरीदाबाद में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से जुड़े हुए थे। एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि दिल्ली-एनसीआर और पुलवामा में सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी से घबराकर धमाका किया गया था।

शुरुआत में माना जा रहा था कि धमाके के दौरान कार में तीन लोग सवार थे, लेकिन अब साफ हो गया है कि सिर्फ उमर ही कार में था। वह टेरर मॉड्यूल के पकड़े जाने के बाद से ही फरार था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि उसने कार में करीब 3 घंटे इंतजार के दौरान इंटरनेट पर फरीदाबाद में सहयोगियों की गिरफ्तारी के बारे में जानकारी जुटाई थी। जांचकर्ताओं को उमर के वाहन कहां-कहां गया इसकी 11 घंटों की जानकारी मिल चुकी है।

एजेंसी के अनुसार, जांचकर्ताओं का कहना है कि उमर कार में कथित तौर पर विस्फोटक लेकर चल रहा था, जो संभावित रूप से अमोनियम नाइट्रेट हो सकता है।

Nisarg Dixit

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Nisarg Dixit
निसर्ग दीक्षित एक डिजिटल क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनकी राजनीति की गतिशीलता पर गहरी नजर है और वैश्विक और घरेलू राजनीति की जटिलताओं को उजागर करने का जुनून है। निसर्ग ने गहन विश्लेषण, जटिल राजनीतिक कथाओं को सम्मोहक कहानियों में बदलने की प्रतिष्ठा बनाई है। राजनीति के अलावा अपराध रिपोर्टिंग, अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां और खेल भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रहे हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद दैनिक भास्कर के साथ शुरुआत की और इनशॉर्ट्स, न्यूज18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
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