
लाल किला धमाके को 1 महीना, अपनों को खो चुके लोगों को अभी भी मदद का इंतजार
दिल्ली में लाल किले के पास हुए बम धमाके को एक महीना पूरा हो गया है, जिसमें 15 लोगों की जान गई थी। इस दौरान एनआईए ने आठवें आरोपी को गिरफ्तार किया और जम्मू-कश्मीर में छापेमारी की, जबकि पीड़ित परिवार अब भी सरकारी मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
लालकिले के पास हुए धमाके को बुधवार को पूरा एक महीना हो गया। 10 नवंबर की उस काली शाम ने कई परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया। किसी ने अपने बेटे को खोया, किसी ने पति को, तो कोई परिवार अपने कमाने वाले इकलौते सदस्य से महरूम हो गया।
मुआवजे की घोषणा के बावजूद सरकारी मदद अब तक पीड़ितों तक नहीं पहुंची। परिवारों का कहना है कि उनके जाने से उनके दुख कम नहीं हो सकते, लेकिन आर्थिक सहारा मिलने से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी थोड़ी आसान हो सकती थी। सरकार ने बम धमाके के अगले दिन ही मृतकों के परिजनों और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों से आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाते की सभी जानकारी ले ली थी, लेकिन एक महीने बीत जाने के बावजूद मुआवजे की रकम अभी तक पीड़ितों के खाते में नहीं आई।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि धमाके ने उनकी जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। रोजमर्रा की जिंदगी, रोजगार, बच्चों की पढ़ाई और परिवार की देखभाल मुश्किल हो गया है।
श्रीनिवास पुरी के रहने वाले जगदीश कटारिया ने अपने इकलौते बेटे 34 वर्षीय अमर को खो दिया। एमबीए पास अमर परिवार का लाडला था। जगदीश बताते हैं कि 17 दिसंबर को अमर का 34वां जन्मदिन है, लेकिन उसे देखने का मौका हमें नहीं मिलेगा।
चार साल पहले उसकी शादी हुई थी और तीन साल का बेटा रोजाना अपने पिता को ढूंढता है। अब उसे समझ नहीं आता कि पिता कभी लौटकर नहीं आएंगे। जगदीश का कहना है कि सरकार ने मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन एक महीने गुजर जाने के बाद भी कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
अनंतनाग और कुलगाम में एनआईए ने की छापेमारी
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम ने दिल्ली लाल किला विस्फोट मामले में मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग और कुलगाम जिलों में कई जगहों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
लाल किले के पास 10 नवंबर को एक कार में हुए विस्फोट में 15 लोगों की जान चली गई थी। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए के अधिकारी दो आरोपियों डॉ. अदील राठेर और जसीर बिलाल वानी को साथ लेकर पहुंचे। दोनों को आतंकी मॉड्यूल के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। यह छापेमारी उनकी निशानदेही पर की गई। पूछताछ में इन लोगों ने अनंतनाग के मट्टन वन क्षेत्र और कुलगाम के काजीगुंड क्षेत्र के वनपोरा में अपने ठिकानों के बारे में बताया था।बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस की मदद से नवंबर के पहले सप्ताह में सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।
जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े अंतरराज्यीय मॉड्यूल का खुलासा करते हुए तीन डॉक्टरों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त किया गया था। इस मॉड्यूल के भंडाफोड़ के कुछ ही समय बाद ही दिल्ली में लाल किले के पास विस्फोटक रखी एक कार में जोरदार धमाका हुआ था।
बम धमाके में आठवां आरोपी गिरफ्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने दिल्ली बम धमाका मामले में मंगलवार को एक और प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया। जम्मू-कश्मीर के बारामूला निवासी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला, इस मामले में गिरफ्तार होने वाला आठवां आरोपी है। एनआईए ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया।
आमिर राशिद अली की रिमांड सात दिन बढ़ी
नई दिल्ली प्रमुख संवाददाता। लाल किला के पास धमाका मामले के आरोपी आमिर राशिद अली की एनआईए हिरासत मंगलवार को सात दिन के लिए बढ़ा दी। उसे दो दिसंबर को एनआईए की हिरासत में भेजा गया था। आमिर को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था।





