दिल्ली को एक साथ मिली 24 अटल कैंटीनों की सौगात, सीएम बोलीं- शहर में कोई शख्स भूखा ना सोए

Feb 19, 2026 04:52 pm ISTSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
share

गुप्ता ने कम समय में अटल कैंटीन योजना को पूरा करने के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के अधिकारियों की तारीफ की और कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों के अनुरूप है।

दिल्ली को एक साथ मिली 24 अटल कैंटीनों की सौगात, सीएम बोलीं- शहर में कोई शख्स भूखा ना सोए

दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में 24 नई ‘अटल कैंटीनों’ की शुरुआत की। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल तरीके से इन कैंटीनों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 70 हो गई। सरकार ने जल्द ही इनकी संख्या बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा है उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथियों ने कैंटीन में बैठकर आम लोगों के साथ खाना भी खाया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। उधर सीएम ने इस मौके पर कहा कि यह योजना इसी सोच से प्रेरित है कि दिल्ली में रहने वाला कोई भी शख्स भूखा न सोए।

घर लौटकर खाना बनाने के तनाव से मिलेगी मुक्ति

कृष्णा नगर में अटल कैंटीन का उद्घाटन करने के बाद मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा कि यह पहल गरीबों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, 'आज अटल कैंटीन का उद्घाटन हम सबको संतुष्टि देने वाला है। यह हर उस मजदूर, श्रमिक, जरूरतमंद, गरीब, बेसहार भाई-बहन के काम आने वाली रसोई है, जहां उसे भरपेट खाना मिलता है। आपने कितनी ही बार देखा होगा कि परिवार गांव में रहता है, और शहर में घर पर कोई खाना बनाने वाला नहीं रहता, मजदूर भाई अपनी ड्यूटी करके आता है, आकर घर में चूल्हा जलाकर अपने लिए खाना बनाता है। क्योंकि अगर बाजार में जाए तो वही थाली उसे 100 रुपए या 150 रुपए में मिलती है, आज मात्र 5 रुपए में उसे खाना मिलना उसके सम्मान को बचाकर रखने जैसा है। साफ-सुथरा पौष्टिक भोजन हम सब दिल्लीवासियों की सेवा में दे रहे हैं, जिनको इसकी जरूरत है।'

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा: दिल्ली में अब कुल 70 अटल कैंटीन, जल्द 100 का लक्ष्य

सीएम ने बताया थाली में है क्या-क्या?

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि कैंटीनों में दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसे संतुलित भोजन परोसे जा रहे हैं। व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु रखने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। भोजन स्टील की थाली में दिया जाता है और बिलिंग पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए अटल कैंटीन का कॉर्पस फंड बनाने का सुझाव भी दिया गया है ताकि समाजसेवी विशेष अवसरों पर भोजन प्रायोजित कर सकें।

LG बोले- हर थाली पर इतनी सब्सिडी दे रही सरकार

वहीं उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस अवसर पर कहा कि दिल्ली सरकार हर थाली पर 25 रुपए की सब्सिडी दे रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को सम्मान के साथ खाना मिल सके। कैंटीनों में खाने की गुणवत्ता पर नियमित नजर रखी जाती है और साफ-सफाई व पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी और कहा कि इस योजना को आगे भी इसी तरह सफलतापूर्वक चलाया जाना चाहिए।

सीएम ने की इस विभाग के अधिकारियों की तारीफ

सीएम गुप्ता ने कम समय में अटल कैंटीन योजना को पूरा करने के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों की तारीफ की और कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन का उद्देश्य दिल्ली भर में शहरी गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को किफायती भोजन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सुनिश्चित करेगी कि कोई भी भूखा न सोए।

हर दिन 1 लाख लोगों को सस्ता भोजन देने की व्यवस्था

बता दें कि राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी के श्रमिकों, गरीबों और अन्य जरूरतमंद निवासियों को किफायती और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। सरकार ने इस योजना के संचालन और प्रबंधन के लिए 104.24 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। प्रत्येक अटल कैंटीन में हर दिन लगभग 1,000 लोगों को भोजन परोसा जाएगा, जिससे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हर दिन 1,00,000 से ज्यादा लोगों को फायदा होगा।

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री व उपराज्यपाल के अलावा केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद और भाजपा विधायक अनिल गोयल भी उपस्थित थे।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।