
दिल्ली: QR कोड बताएगा कहां पार्क करनी है गाड़ी; गणतंत्र दिवस पर खास व्यवस्था
वाहन से आने वाले क्यूआर कोड के जरिए अपने बैठने की जगह के सबसे नजदीक स्थित पार्किग लॉट में ही आसानी से गाड़ी पार्क कर सकेंगे। दर्शकों को इसके बाद पार्किंग लॉट से पैदल चलकर अपनी सीट पर जाना होगा।
राजधानी दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं। 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर परेड देखने आने वालों को कार पार्किंग में कोई परेशानी न हो इसके लिए क्यूआर कोड आधारित पार्किंग सिस्टम की व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के मुताबिक मेट्रो के जरिए परेड स्थल तक जाने वाले पास धारकों का मेट्रो में ही जरूरी जानकारी देकर मार्गदर्शन किया जाएगा तो वहीं वाहन से आने वाले क्यूआर कोड के जरिए अपने बैठने की जगह के सबसे नजदीक स्थित पार्किंग लॉट में ही आसानी से गाड़ी पार्क कर सकेंगे।
दरअसल दिल्ली पुलिस के मुताबिक परेड के लिए 77 हजार पास जारी किए जाते हैं जिनमें 8 हजार पास ऐसे होते हैं जिन्हें व्हीकल पार्किंग की अनुमति मिलती है। उन्हें पार्किंग पास मिलता है जिसमें इसबार एक क्यूआर कोड छपा है। क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद बैठने की जगह के सबसे नजदीक स्थित पार्किंग लॉट की रियल टाइम डायरेक्शन मिल जाएगी। दर्शकों को इसके बाद पार्किंग लॉट से पैदल चलकर अपनी सीट पर जाना होगा।

पार्किंग की किचकिच से छुटकारा
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'इस सिस्टम का उद्देश्य समारोहों के दौरान पार्किंग को लेकर होने वाले भ्रम को कम करना और वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना है।' उन्होंने आगे कहा कि जितना संभव हो दर्शकों को मेट्रो के जरिए कर्तव्य पथ तक पहुंचना चाहिए और साथ ही मेट्रो की घोषणाओं और संकेतों का पालन करना चाहिए।
कौन-से मेट्रो स्टेशन पर उतरना है ये भी जान लीजिए
आपको बता दें कि रक्षा मंत्रालय ने इस बार वीआईपी कल्चर खत्म करते हुए दर्शक दीर्घाओं का नामकरण नदियों के नामों- जैसे गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र आदि पर किया है। ऐसे में दक्षिण की तरफ के दर्शक दीर्घा के नाम ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चेनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु और झेलम हैं। इन दीर्घा में बैठने वाले दर्शकों को उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन पर उतरने के लिए कहा गया है।
वहीं जिन लोगों के पास उत्तरी दर्शक दीर्घा के टिकट हैं, जिसमें कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रवि, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना शामिल हैं, उन्हें केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर उतरने की सलाह दी जा रही है।





