
दिल्ली की सड़कों पर लगेंगे QR कोड वाले साइन बोर्ड, जानिए क्या होगा इसका फायदा
दिल्ली में पीडब्ल्यूडी ने सड़क संकेतकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके तहत अब हर साइन बोर्ड पर QR कोड अनिवार्य होगा ताकि उनकी गुणवत्ता, वारंटी और शिकायतों की ट्रैकिंग आसानी से की जा सके।
दिल्ली में सड़क किनारे लगे साइन बोर्ड में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने 1 जनवरी से नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें सभी नए रोड साइन बोर्डों में QR कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे बोर्डों की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित होगी।
QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
हर रिफ्लेक्टिव साइन बोर्ड के नीचे दाएं कोने में QR कोड लगा होगा। इसे स्कैन करने पर निर्माता कंपनी का नाम, निर्माण की तारीख, इस्तेमाल की गई रिफ्लेक्टिव शीटिंग का कोड और वारंटी की जानकारी जैसी डिटेल्स सामने आएंगी। वारंटी पूरे 10 साल की होगी। अगर इस दौरान कोई खराबी आई तो कंपनी मुफ्त में बोर्ड बदल देगी।
क्या है इसकी जरूरत?
2024 में सड़क परिवहन मंत्रालय के ऑडिट में पता चला था कि दिल्ली में अलग-अलग एजेंसियों की वजह से साइन बोर्डों का आकार, रंग और डिजाइन एकसमान नहीं था। इससे ड्राइवरों को परेशानी होती थी और सुरक्षा जोखिम बढ़ता था। अब PWD ने सभी टेंडरों में QR कोड की शर्त शामिल करना अनिवार्य कर दिया है।

नागरिकों के लिए आसान शिकायत दर्ज करने की सुविधा
PWD अब इन QR कोड्स को अपनी 'PWD सेवा' मोबाइल ऐप से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। पहले चरण में सिर्फ जानकारी मिलेगी, लेकिन जल्द ही लोग इन कोड्स को स्कैन करके सड़क, गड्ढे, स्ट्रीट लाइट या साइन बोर्ड से जुड़ी शिकायतें सीधे दर्ज कर सकेंगे।
टेंडर और गुणवत्ता पर सख्ती
टेंडर जीतने वाली कंपनी चाहे मूल निर्माता हो या कोई और, लेकिन अगर वह ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) है तो उसे सर्टिफिकेशन और ऑथराइजेशन लेटर देना होगा। घटिया सामग्री का इस्तेमाल अब मुश्किल होगा।





