प्रीत विहार मर्डर: एक रात में 3 बार टकराव फिर हत्या, दूसरी बार प्रेग्नेंट है पंकज की पत्नी; खुशियों वाले घर में मातम
दिल्ली के प्रीत विहार में कार पार्किंग विवाद ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मृतक पंकज की पत्नी दूसरी बार प्रेग्नेंट है और जुलाई में उनके घर नया नन्हा मेहमान आने वाला है। आरोपी और पीड़ितों के बीच एक ही रात में तीन बार टकराव हुआ। इसके बाद पंकज की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

दिल्ली के पॉश इलाके प्रीत विहार में पार्किंग के मामूली विवाद ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। पार्किंग विवाद में जान गंवाने वाले 34 वर्षीय पंकज नय्यर के घर में इन दिनों बड़ी बेसब्री से जुलाई महीने का इंतजार हो रहा था। पंकज की पत्नी दूसरी बार प्रेग्नेंट है, इसलिए नए मेहमान के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन सोमवार तड़के हुए झगड़े में बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही उसके सिर से पिता का साया उठ गया। पार्किंग को लेकर हुए विवाद में पंकज नैय्यर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह कुछ ही हफ्तों में दूसरी बार पिता बनने वाले थे। पंकज की मौत से पत्नी अब भी सदमे में है।
पिता के बारे में बार-बार पूछ रहा है बेटा
पंकज का पांच वर्षीय बेटा अभी यह नहीं समझ पा रहा कि उसके पिता अब कभी घर नहीं लौटेंगे। परिवार के लोगों का कहना है कि वह बस यही पूछता है- पापा कब आएंगे? जबकि सात महीने की गर्भवती पत्नी बार-बार पति को याद कर बेहोश हो जा रही है।
पंकज ने किया था प्रेम विवाह
पंकज ने आठ साल के रिश्ते के बाद प्रेम विवाह किया था। अलग-अलग धर्मों से होने के बावजूद दोनों ने परिवार बसाया और खुशहाल जीवन जी रहे थे। पंकज के दोस्त ने बताया कि पंकज बेहद मिलनसार और मददगार स्वभाव के थे। वह हर छोटे-बड़े मौके को सेलिब्रेट करते थे। कुछ महीने पहले ही दोस्तों ने उनका जन्मदिन मनाया था, लेकि घर में अब सन्नाटा पसरा है। मां, जो पहले से ही बीमार हैं। बेटे की मौत का सदमा सह नहीं पा रही हैं। बहनें दूर-दूर से आने की कोशिश में हैं।
समझाने पर धमकाया, सामने आया तो गोली मारी
बताया जा रहा है कि आरोपी और पीड़ितों के बीच एक ही रात में तीन बार टकराव हुआ। इसके बाद पंकज की हत्या कर दी गई। आरोपी गौरव अपनी तीसरी लग्जरी गाड़ी घर के बाहर खड़ी करने पर अड़ा था, जिसका विरोध करने पर उसने नोएडा से आए पंकज के सीने में गोलियां उतार दीं। पार्किंग को लेकर उपजा यह विवाद रविवार देर रात शुरू हुआ और तड़के खूनी खेल में बदल गया।
पहला टकराव (फोन पर बहस)
रविवार देर रात पारस अपने दोस्तों के साथ पार्टी से लौटा था। पारस के एक दोस्त ने अपनी कार ए-144 ब्लॉक के पास खड़ी की। आरोपी गौरव ने वहां आकर पारस को कॉल किया और गाड़ी हटाने को लेकर बदतमीजी शुरू कर दी। पारस ने नरमी दिखाते हुए गौरव को अपनी दूसरी पार्किंग (ए-145) में गाड़ी खड़ी करने का विकल्प दिया, जिससे एक बार मामला शांत हो गया।
दूसरा टकराव (घर के बाहर गाली-गलौज)
रात करीब 12:00 बजे जब पारस घर पहुंचा, तो गौरव फिर से झगड़ने लगा। वह अपनी तीसरी गाड़ी जबरन ए-144 के सामने लगाना चाहता था। विवाद बढ़ता देख पारस ने अपने छोटे भाई पंकज को नोएडा से बुलाया। पंकज ने फोन पर गौरव को समझाने की कोशिश की, लेकिन गौरव ने उसे दिल्ली आने पर देख लेने की धमकी दी।
तीसरा टकराव (जानलेवा हमला)
रात करीब 2:15 बजे पंकज नोएडा से प्रीत विहार पहुंचा। आरोप है कि गौरव अपने दोस्तों के साथ पहले से हथियारों से लैस होकर वहां मौजूद था। जैसे ही पंकज पहुंचा, गौरव ने उस पर हमला कर दिया और पिस्टल निकालकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। दो गोलियां सीधे पंकज के सीने में लगीं, जिससे अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
दो गाड़ियां अंदर खड़ी करता था
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रीत विहार में नियम के अनुसार एक फ्लैट मालिक को एक ही गाड़ी की पार्किंग की अनुमति है। लेकिन आरोपी गौरव के पास बीएमडब्ल्यू, इनोवा और फॉर्च्यूनर गाड़ियां हैं। वह जबरन दो गाड़ियां अंदर खड़ी करता था और तीसरी सड़क पर पार्क करता था। इसी रसूख और दबंगई को लेकर पिछले तीन माह में दोनों पक्षों के बीच 6 से 7 बार विवाद हो चुका था। फिलहाल पुलिस गौरव से पूछताछ कर रही है कि वारदात में उसके साथ और कौन शामिल था और वह अवैध हथियार कहां से लाया।


