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दिल्लीवालों को लगने वाला है 'पावर' का झटका! बिना चेयरमैन वाला DERC क्या प्लान कर रहा?

दिल्लीवालों को लगने वाला है 'पावर' का झटका! बिना चेयरमैन वाला DERC क्या प्लान कर रहा?

संक्षेप:

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिजली दरों (Tariff) में देरी का सीधा बोझ ग्राहकों की जेब पर पड़ता है। एक अधिकारी ने समझाया कि जब समय पर दरें नहीं बदली जातीं, तो वितरण कंपनियां पुराने रेट पर ही बिल वसूलती रहती हैं, भले ही उनकी अपनी लागत (जैसे बिजली खरीदना, ईंधन, ट्रांसमिशन या ब्याज) बढ़ गई हो।

Jan 22, 2026 02:17 pm ISTUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली के लोगों को बिजली का झटका देने की तैयारी हो गई है। इस साल जुलाई माह तक बिजली की नई दरों का आदेश जारी किए जाने की संभावना है। दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) अधिकारियों के अनुसार, पावर रेगुलेटर ने इसकी प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है। दिल्ली में बिजली की दरें 2014 से नहीं बदली हैं, जबकि आखिरी टैरिफ आदेश सितंबर 2021 में आया था। बिजली वितरण कंपनियां (discoms) लंबे समय से दाम बढ़ाने की मांग कर रही हैं। उनका कहना है कि पिछले 10 सालों में उनके लिए बिजली खरीदने की लागत 20% से ज्यादा बढ़ गई है, लेकिन ग्राहकों के लिए रेट वहीं के वहीं हैं।

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ये नियम बिजली की दरें तय करने का मुख्य आधार होते हैं। इनमें बिजली की बर्बादी (distribution losses), नए काम पर होने वाला खर्च और कंपनियों के लिए काम के लक्ष्य तय किए जाते हैं। नियमों को आगे बढ़ाने का उद्देश्य यह है कि कोई कानूनी कमी न रहे, जिससे कंपनियों को अपने रेट तय करने या योजना बनाने में कोई रुकावट न आए। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि बिजली के दाम बढ़ेंगे या पहले जैसे ही रहेंगे। फाइनल रेट तय करने की एक लंबी प्रक्रिया होती है-

कंपनियों का प्रस्ताव: सबसे पहले, हर कंपनी (Discom) अपनी अनुमानित लागत, कमाई और रेट में कितनी बढ़ोतरी चाहिए, इसका एक आवेदन (Petition) आयोग को देती है।

आयोग की जांच: DERC इन दावों की बारीकी से जांच करता है, खर्चों की पुष्टि करता है और यह देखता है कि क्या पिछले घाटे की भरपाई की जरूरत है।

जनता की भागीदारी: इन प्रस्तावों को सार्वजनिक किया जाता है। आम उपभोक्ता, उद्योग समूह और रेजिडेंट्स एसोसिएशन (RWAs) जन सुनवाई के दौरान अपनी आपत्तियाँ या सुझाव दे सकते हैं।

अंतिम फैसला: सभी सुझावों और जांच के बाद, DERC अंतिम 'टैरिफ ऑर्डर' जारी करता है, जिससे साल भर के लिए बिजली के रेट तय होते हैं।

बिना चेयरमैन के है DERC

पिछले साल जुलाई से बिना चेयरमैन के काम कर रहा DERC, पहले ही एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर चुका है। इसमें अपने 'बिजनेस प्लान रेगुलेशन' को वित्त वर्ष 2026-27 तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। सभी संबंधित पक्षों (स्टेकहोल्डर्स) को इस प्रस्ताव पर 27 जनवरी की शाम 5 बजे तक अपनी राय और सुझाव देने के लिए आमंत्रित किया गया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया, "2023 के बिजनेस प्लान रेगुलेशन, जो तीन साल के लिए बनाए गए थे, उन्हें एक साल और बढ़ाया जाएगा क्योंकि अभी तक नए नियम फाइनल नहीं हुए हैं। नियमों के विस्तार के बाद, बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को 2026-27 के लिए अपने नए रेट प्रस्ताव (Tariff Petitions) जमा करने का निर्देश दिया जाएगा।" उन्होंने आगे जोड़ा, "DERC का लक्ष्य जुलाई तक बिजली दरों में बदलाव की प्रक्रिया को पूरा करना है।"

अधिकारियों की क्या चेतावनी?

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिजली दरों (Tariff) में देरी का सीधा बोझ ग्राहकों की जेब पर पड़ता है। एक अधिकारी ने समझाया, “जब समय पर दरें नहीं बदली जातीं, तो वितरण कंपनियां पुराने रेट पर ही बिल वसूलती रहती हैं, भले ही उनकी अपनी लागत (जैसे बिजली खरीदना, ईंधन, ट्रांसमिशन या ब्याज) बढ़ गई हो। इस बकाया अंतर को 'राजस्व घाटे' (Revenue Shortfall) के रूप में आगे बढ़ा दिया जाता है, जिस पर भारी ब्याज भी जुड़ता जाता है। जब आखिरकार दरें बढ़ाई जाती हैं, तो ग्राहकों को बढ़ी हुई कीमत के साथ-साथ उस पर जमा हुआ ब्याज भी चुकाना पड़ता है।”

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DERC का काम बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण की दरें तय करने के साथ-साथ कंपनियों के कामकाज की निगरानी करना है। आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए डिस्ट्रीब्यूशन लॉस (बिजली बर्बादी/चोरी का नुकसान) को कम करने के लिए निम्नलिखित लक्ष्य तय किए हैं:

कंपनी का नामबिजली नुकसान का लक्ष्य (2026-27)
BSES राजधानी6.4%
BSES यमुना6.2%
Tata Power (TPDDL)5.5%
NDMC6.4%
Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें
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