
प्रदूषण की मार: दिल्ली में फिर वर्क फ्रॉम होम, हाइब्रिड मोड में कक्षाएं चलाने के आदेश
पलूशन के कहर को देखते हुए दिल्ली में एकबार फिर सरकारी और प्राइवेट दफ्तरों को अपने 50 फीसदी कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम कराने को कहा गया है। वहीं नर्सरी से लेकर 9वीं और 11वीं तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड में कक्षाएं चलाने को कहा गया है।
दिल्ली में शनिवार को औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 431 अंक पर पहुंच गया। यह इस साल में प्रदूषण का सबसे खराब स्तर है। पलूशन में तेज बढ़ोतरी को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने शनिवार को ग्रैप-4 की पाबंदिया लागू कर दी गई हैं। इस बीच दिल्ली में एकबार फिर वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया गया है। आदेश में दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों को अपने 50 फीसदी कर्मचारियों से वर्क फ्रॉफ होम कराने का निर्देश दिया गया है।

हाइब्रिड मोड में चलेंगी कक्षाएं
पलूशन के गंभीर स्तर को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कक्षाएं हाइब्रिड मोड में चलाने के आदेश दिए हैं। शिक्षा निदेशालय ने आदेश जारी कर बताया कि नर्सरी से लेकर 9वीं और 11वीं तक के छात्रों के लिए हाइब्रिड मोड में कक्षाएं चलेंगी। यह आदेश डीओई, एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली कैंटोनमेंट बोर्ड और निजी स्कूलों में लागू होगा।
स्कूल प्रमुखों को निर्देश
निदेशालय ने स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे हाइब्रिड मोड यानी फिजिकल और ऑनलाइन दोनों मोड में (जहां भी ऑनलाइन मोड संभव हो) तुरंत प्रभाव से अगले आदेश तक कक्षाएं चलाएं। इसके अलावा सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे ये जानकारी तुरंत अभिभावकों तक पहुंचाएं। सभी डीडीई से यह भी कहा है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के स्कूलों का दौरा करें ताकि उपरोक्त निर्देशों का सुचारू रूप से पालन सुनिश्चित किया जा सके।
दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम
वहीं दिल्ली सरकार ने दफ्तरों को 50 फीसदी क्षमता पर काम करने का आदेश दिया है बाकी स्टाफ से वर्क फ्रॉम होम कराने को कहा गया है। निर्देश सरकारी के साथ प्राइवेट दफ्तरों पर भी लागू होगा। यह आदेश गाड़ियों की आवाजाही कम करने और पलूशन रोकने के लिए पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत जारी किया गया है। हालांकि सभी प्रशासनिक सचिव और विभागों के प्रमुख नियमित रूप से ऑफिस आएंगे।
प्राइवेट दफ्तरों को सख्त आदेश
आदेश में सभी प्राइवेट संस्थाओं को अलग-अलग वर्किंग घंटे लागू करने का भी सुझाव दिया गया है। इसके अलावा प्राइवेट ऑफिसों को वर्क फ्रॉम होम नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है। ऑफिस आने-जाने से संबंधित वाहनों की आवाजाही को भी कम करने का निर्देश दिया गया है।
इन पर लागू नहीं होगा वर्क फ्रॉम होम
वर्क फ्रॉम होम के आदेश सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों पर लागू नहीं होंगे। अग्निशमन सेवाएं, जेल, सार्वजनिक परिवहन, बिजली, पानी, स्वच्छता और संबंधित नगरपालिका सेवाओं को भी वर्क फ्रॉम होम से मुक्त रखा गया है। आपदा प्रबंधन, वायु प्रदूषण नियंत्रण, निगरानी और प्रवर्तन गतिविधियों में लगे विभागों और एजेंसियां के साथ अन्य जरूरी और इमरजेंसी सेवाओं पर भी वर्क फ्रॉम होम लागू नहीं होगा।
दिल्ली में 441 पर पहुंचा AQI
दरअसल हवा की धीमी रफ्तार के चलते दिल्ली में शाम चार बजे एक्यूआई 431 रिकॉर्ड किया गया। बाद में शाम छह बजे तक यह बढ़कर 441 हो गया। एक्यूआई के अति गंभीर श्रेणी के करीब पहुंचने और स्थिति में सुधार की संभावना नहीं नजर आने के कारण ग्रैप-4 की पाबंदियों को तुरंत प्रभाव से लागू करने का फैसला किया गया है। ग्रैप-4 तब लागू किया जाता है जब एक्यूआई 450 से ऊपर चला जाता है या उसके ऊपर जाने का अनुमान होता है।



