दिल्ली को जहरीली हवा से मिली थोड़ी राहत, लेकिन ठंड-कोहरे ने बढ़ाई परेशानी; कहां क्या हाल?
Delhi Pollution: दिल्ली में हवा की गुणवत्ता सुधरकर 'खराब' श्रेणी में आने के बाद GRAP-3 की पाबंदियां हटा दी गई हैं, वहीं कड़ाके की ठंड के बीच इंडिया गेट पर गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं।

राजधानी दिल्ली में नए साल की शुरुआत ठंडी और तेज हवाओं के साथ हुई। शनिवार सुबह तापमान करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, साथ ही हल्की धुंध भी छाई रही। लेकिन अच्छी खबर ये है कि दिल्ली की हवा अब पहले से काफी बेहतर हो गई है। लंबे समय तक 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने के बाद हवा की गुणवत्ता अब 'खराब' कैटेगरी में आ गई है।
कहां कितना AQI (सुबह 10 बजे)
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत AQI अब 222 पर पहुंच गया है। जो पिछले दिनों की तुलना में काफी राहत देने वाला है। कुछ इलाकों में अभी भी चुनौती बाकी है।
| इलाका | AQI | श्रेणी |
|---|---|---|
| दिल्ली (ओवरऑल) | 244 | खराब |
| मुंडका | 301 | बहुत खराब |
| विवेक विहार | 273 | खराब |
| जहांगीरपुरी | 319 | बहुत खराब |
| वजीरपुर | 281 | खराब |
| चांदनी चौक | 294 | खराब |
| द्वारका | 213 | खराब |
| आनंद विहार | 294 | खराब |
| पंजाबी बाग | 257 | खराब |
| आरकेपुरम | 269 | खराब |
| नोएडा | 217 | खराब |
| ग्रेटर नोएडा | 215 | खराब |
| गाजियाबाद | 240 | खराब |
| गुरुग्राम | 218 | खराब |
| फरीदाबाद | 222 | खराब |
गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर
इंडिया गेट के आसपास गणतंत्र दिवस की रिहर्सल पूरी धूमधाम से जारी है। सुरक्षा बलों और परेड में हिस्सा लेने वाले जवानों ने ठंड और हल्की स्मॉग की परत के बावजूद तैयारी नहीं रोकी। सुबह की धुंध के कारण विजिबिलिटी कम जरूर हुई, लेकिन उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा।
बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि सुबह की धुंध के बाद मौसम में सुधार होने की उम्मीद है। आज अधिकतम तापमान 15-17 डिग्री और न्यूनतम 8-9 डिग्री के आसपास रह सकता है। ठंडी हवाएं और अनुकूल मौसम ने ही प्रदूषण को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
हटी GRAP-3 की पाबंदियां
अनुकूल मौसम के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार शाम को GRAP के स्टेज-3 को हटा दिया। अब स्टेज-1 और 2 के नियम लागू हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे इन नियमों का सख्ती से पालन करें ताकि AQI फिर से खराब न हो। खास तौर पर निर्माण और ध्वस्तीकरण साइट्स पर नजर रखी जा रही है – जो पहले बंद की गई थीं, उन्हें बिना आयोग की मंजूरी के दोबारा शुरू नहीं किया जा सकता।



