
पलूशन पर सख्ती; दिल्ली में इन वाहनों की एंट्री भी बैन, कितनी टीमें, कितने तक का चालान?
दिल्ली में पलूशन को लेकर लागू किए गए नए नियमों का पालन कराने को लेकर सख्ती बढ़ गई है। नई पाबंदियों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान काटे जा रहे हैं। कितनी टीमें, कितने तक का चालान? इस रिपोर्ट में जानें…
दिल्ली में पलूशन पर काबू पाने को लेकर सख्ती बढ़ गई है। खासतौर पर दिल्ली पुलिस और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पूरे शहर में तैनाती और चेकिंग बढ़ा दी है। दिल्ली में BS-6 मानक से नीचे की नॉन दिल्ली के बाहर की उन प्राइवेट गाड़ियों की एंट्री पर बैन लग गया है जो सीएनजी या इलेक्ट्रिक नहीं हैं। यही नहीं दिल्ली में 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम भी लागू कर दिया गया है। नई पाबंदियों के तहत कंस्ट्रक्शन मटीरियल ले जाने वाली गाड़ियों की एंट्री भी दिल्ली में बैन कर दी गई है।
ट्रैफिक पुलिस ने तैनात की 100 से ज्यादा टीमें
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बिना वैलिड PUC सर्टिफिकेट के राजधानी में एंट्री करने वाली गाड़ियों की जांच के लिए दिल्ली भर में अलग-अलग जगहों पर 100 से अधिक टीमें तैनात की गई हैं।
इन जगहों पर तैनाती
अधिकारी ने बताया कि नियमों का पालन नहीं करने वाली गाड़ियों को रोकने और पाबंदियों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की टीमों को दिल्ली की सीमाओं और मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर तैनात किया गया है। टोल प्लाजा और मुख्य एंट्री कॉरिडोर पर भी टीमें तैनात हैं।
126 चेकपॉइंट्स पर 580 से ज्यादा जवान
खबर लिखे जाने तक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीमा समेत 126 चेकपॉइंट्स पर 580 से अधिक पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। बड़े पेट्रोल पंपों पर भी टीमें लगाई गई हैं। अधिकारी ने यह भी बताया कि टीमें सुबह से ही अपना काम कर रही हैं। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
परिवहन विभाग और MCD की भी टीमें लगीं
परिवहन विभाग की एनफोर्समेंट टीमों को भी अभियान में मदद के लिए पेट्रोल पंपों और एंट्री पॉइंट्स पर तैनात किया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) के कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। एमसीडी के कर्मचारी कतारों को मैनेज करने और जांच में मदद कर रहे हैं।
फ्यूल स्टेशनों पर तगड़े इंतजाम
फ्यूल स्टेशन बिना वैलिड PUC सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों को ईंधन नहीं दे रहे हैं। 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को सख्ती से लागू करने के लिए पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। पेट्रोल पंपों पर वॉयस अलर्ट की व्यवस्था लागू की गई है। 'नो PUC, नो फ्यूल' नियम को पुलिस की मदद से लागू किया जा रहा है।
दिल्ली पलूशन कंट्रोल एरिया घोषित
पूरी दिल्ली को वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 1981 की धारा 19(1) के तहत पलूशन कंट्रोल एरिया घोषित कर दिया गया है।
दोषी को कितनी सजा, कितना जुर्माना?
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, नोटिफिकेशन में कहा गया है कि पलूशन को लेकर जारी नियमों का उल्लंघन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत या उस समय लागू किसी अन्य लागू कानून के तहत दंडनीय होगा। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 15 के अनुसार, नियमों का पालन नहीं करने पर पहली बार अपराध के लिए दोषी पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। दोषी को साल तक की जेल या जेल जुर्माना दोनों हो सकता है। बार-बार अपराध करने पर सजा बढ़ जाती है। लगातार अपराध करने वाले दोषी को 7 साल तक की कैद हो सकती है।
BS-6 स्टेंडर्ड से नीचे की इन गाड़ियों पर रोक, इन्हें छूट
दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड गैर बीएस-6 प्राइवेट वाहनों (डीजल या पेट्रोल) को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश से रोक दिया गया है। इस पाबंदी से इलेक्ट्रिक और सीएनजी गाड़ियों को छूट दी गई है। सार्वजनिक परिवहन में लगे वाहनों के साथ ही जरूरी सेवाओं जैसे एंबुलेंस, फायर टेंडर और पुलिस के वाहनों को भी नई पाबंदियों से छूट दी गई है। जरूरी वस्तुओं को ले जाने वाले वाहनों पर भी उक्त प्रतिबंध लागू नहीं होंगे।
इन गाड़ियों की एंट्री भी रोकी
अधिकारियों ने कहा कि मौजूदा पाबंदियों के तहत कंस्ट्रक्शन मटीरियल ले जाने वाली गाड़ियों को भी दिल्ली में एंट्री करने से रोक दिया गया है। यानी रेत, एग्रीगेट, पत्थर, ईंट, सीमेंट, रेडी मिक्स कंक्रीट, मलबा आदि ले जाने वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है। वाहनों को जब्त भी किया जा सकता है।
20 हजार रुपये तक का चालान
एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली परिवहन विभाग के अधिकारी दीपक ने कहा कि हम दिल्ली के बाहर के रजिस्टर्ड BS-6 स्टेंडर्ड के कॉमर्शियल और प्राइवेट वाहनों की सख्ती से जांच कर रहे हैं। नियम तोड़ने वाले वाहनों का 20 हजार रुपये तक का चालान काटा जा रहा है या उन्हें यू-टर्न लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन ड्राइवरों पर भी जुर्माना लगाया जा रहा है जिनके पास PUC सर्टिफिकेट नहीं हैं।
(पीटीआई और एएनआई के इनपुट के साथ)

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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