कोहरे ने सताया, पलूशन ने रुलाया; दिल्लीवालों की सांस पर हावी जहर, राहत कब?
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे के आस-पास शहर का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 378 रहा, जो इसे 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। सोमवार को AQI शाम 4 बजे के आस-पास 427 तक पहुंच गया था।

हर तरफ सफेद मोटी चादर सी धुंध... धुंध कहें या कोहरा समझ नहीं आ रहा। बाहर निकलों तो मानो सांस पर बन आए... पलूशन का मीटर देखो स्थिति काफी गंभीर है। 450 से 500 AQI होते ही ग्रैप-4 तक लागू कर दिया,स्कूल के बच्चों को पांचवी तक ऑनलाइन पढ़ने का आदेश है पर मंगलवार सुबह मामूली सुधार के बाद भी स्थिति ऐसी नहीं जिसमें आप खुली सांस ले सको। डॉक्टर तो पहले ही इसे हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर चुके हैं पर हालत जस की तस। लखनऊ, हैदराबाद, मुंबई तक की हवा दिल्ली से ज्यादा साफ है। पलूशन का असर यह रहा कि सोमवार को पीएम मोदी विदेश दौरे पर जाने से पहले मशहूर फुटबॉलर GOAT लियोनेल मैसी तक से नहीं मिल पाए। मैसी का पलूशन के चलते विमान लेट हो गया और पीएम चले गए। इसके अलावा फ्लाइट्स को भी उड़ान भरने में देरी हो रही है।
मामूली सुधार पर हर सांस पर जहर भारी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजे के आस-पास शहर का कुल वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 378 रहा, जो इसे 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। सोमवार को AQI शाम 4 बजे के आस-पास 427 तक पहुंच गया था, जो 'गंभीर' श्रेणी में था, जिसकी तुलना में वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार देखने को मिला है। इस हल्की गिरावट के बावजूद, राजधानी के बड़े हिस्सों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से ऊंचा बना हुआ है। पूरे शहर को जहरीली धुंध की एक घनी चादर ने ढंक रखा है, जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) बहुत कम हो गई है और निवासियों को परेशानी हो रही है। इंडिया गेट जैसे प्रमुख क्षेत्रों में AQI 380 दर्ज किया गया, जबकि सराय काले खां में यह लगभग 359 रहा। CPCB के अनुसार, ये दोनों 'बहुत खराब' श्रेणी में थे। वहीं, गाजीपुर और आनंद विहार में AQI लगभग 410 दर्ज किया गया।
| जगह (स्थान) | AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) |
|---|---|
| आनंद विहार | 401 |
| लोधी रोड | 341 |
| रोहिणी | 355 |
| आईटीओ | 403 |
| आईजीआई एयरपोर्ट | 322 |
| नोएडा | 416 |
| गाजियाबाद | 362 |
| ग्रेटर नोएडा | 360 |
| फरीदाबाद | 299 |
| गुरुग्राम | 336 |
फ्लाइट्स भी देरी से चल रहीं
दिल्ली के प्रदूषण के चलते फ्लाइट्स को भी उड़ान भरने में परेशानी हो रही है। दिल्ली एयरपोर्ट ने ताजा जानकारी देते हुए बताया कि फ्लाइट परिचालन धीरे-धीरे ठीक हो रहा है, लेकिन कुछ जाने वाली और आने वाली उड़ानों में बाधाएं आ सकती हैं। सटीक और समय पर जानकारी (अपडेट) के लिए, कृपया सीधे अपनी एयरलाइन से संपर्क करें। यात्रियों की सहायता करने और आवश्यक सहयोग प्रदान करने के लिए हमारे कर्मचारी सभी टर्मिनलों पर उपलब्ध हैं।
CAQM की बैठक में क्या हुआ?
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में वाहनों के उत्सर्जन से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति की पहली बैठक सोमवार को आयोजित की थी। यह बैठक अशोक झुनझुनवाला की अध्यक्षता में और प्रोफेसर रणदीप गुलेरिया के सह-अध्यक्षता में हुई। CAQM ने 'X' पर एक पोस्ट में बताया कि इस बैठक में दिल्ली-NCR में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के स्रोतों से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
CAQM के अनुसार, "विचार-विमर्श में सेगमेंट-वार वाहनों के उत्सर्जन के योगदान का आकलन, स्वास्थ्य जोखिम (exposure risks), EV (इलेक्ट्रिक वाहन) की तैयारी और बुनियादी ढांचे की जरूरतों को शामिल किया गया।" यह समिति आने वाली बैठकों में वाहनों के उत्सर्जन को कम करने के लिए ठोस, कार्रवाई योग्य सिफारिशें प्रस्तुत करेगी। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राजधानी दिल्ली गंभीर वायु प्रदूषण से जूझ रही है, इसी कारण CAQM को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण IV के तहत प्रतिबंध लगाने पड़े हैं।





