
फिर 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा, घने कोहरे ने AQI को 300 के पार पहुंचाया
हाल के दिनों में थोड़ी सुधार के बाद दिल्ली की हवा फिर से 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में रविवार सुबह धुंध की चादर छाई रही। सुबह 9 बजे औसत एक्यूआई 303 पर पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में माना जाता है।
हाल के दिनों में थोड़ी सुधार के बाद दिल्ली की हवा फिर से 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंच गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में रविवार सुबह धुंध की चादर छाई रही। सुबह 9 बजे औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 303 पर पहुंच गया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में माना जाता है।
दिल्ली के आनंद विहार और आईटीओ जैसे इलाकों में रविवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। इससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। सीपीसीबी के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के कई इलाके 'बेहद खराब' श्रेणी में आ गए। अशोक विहार (322), बवाना (352), बुराड़ी (318), चांदनी चौक (307) और द्वारका (307) सहित कई अन्य प्रमुख स्टेशन 'बहुत खराब' श्रेणी में रहे।
सीपीसीबी के अनुसार, AQI 0-50 'अच्छा', 51-100 'संतोषजनक', 101-200 'मध्यम', 201-300 'खराब', 301-400 'बहुत खराब' और 401-500 'गंभीर' माना जाता है। एक्यूआई 0 से 500 तक होता है। इसे 6 श्रेणियों में बांटा गया है।
राष्ट्रीय राजधानी और इसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता से निपटने के लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने दिल्ली में प्रदूषण के खतरनाक स्तर के संबंध में एक बयान जारी किया है। यह बयान शुक्रवार को राज्यसभा में सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी द्वारा उठाए गए एक प्रश्न के उत्तर में जारी किया गया। इसमें पूछा गया था कि क्या यह सच है कि दिल्ली में होने वाली हर 7 मौतों में से एक मौत शहर की जहरीली हवा के कारण होती है। ऐसा कई अध्ययनों और मीडिया में रिपोर्ट में दावा किया गया है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि शैक्षणिक और शोध संस्थानों द्वारा वायु प्रदूषण के प्रभाव पर विभिन्न अध्ययन किए गए हैं। 2025 तक दिल्ली में एक भी दिन AQI गंभीर से भी अधिक गंभीर स्तर पर नहीं पहुंचेगा। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है।
सरकार ने दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन की निगरानी के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 के अंतर्गत वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की स्थापना की है। यह आयोग सभी प्रमुख हितधारकों को शामिल करते हुए सामूहिक, सहयोगात्मक और सहभागी तरीके से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण की समस्या का समाधान कर रहा है।
आयोग ने क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने की दिशा में विभिन्न कार्यों का मार्गदर्शन और निर्देशन करने के लिए 95 निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा सर्दियों के दौरान प्रदूषण से निपटने के लिए एक GRAP तैयार किया है। सरकार ने एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को लेकर कड़े मानदंड भी लागू किए हैं।

लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
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