सीएम रेखा गुप्ता के बयान पर विवाद, कोर्ट ने पुलिस से मांगी स्टेटस रिपोर्ट, क्या मामला?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के एक बयान पर विवाद हो गया है। मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। अब अदालत ने सीएम रेखा गुप्ता के बयान के खिलाफ दी गई शिकायत पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

दिल्ली की एक अदालत ने सीएम रेखा गुप्ता के खिलाफ दर्ज शिकायत पर कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। यह मामला सितंबर 2025 में कश्मीरी गेट ISBT पर बस सेवा शुरू करने के एक सरकारी कार्यक्रम से जुड़ा है। रेखा गुप्ता पर सरकारी अधिकारियों के कामकाज की तुलना 'हनुमान जी की पूंछ में आग लगने' से करने का आरोप है। 'राम निवास शर्मा बनाम श्रीमती रेखा गुप्ता' मामले में सुनवाई करते हुए एसीजेएम अश्वनी पंवार ने पुलिस को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने पारित किया आदेश
अदालत ने कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ एक शिकायत पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी। यह शिकायत सितंबर 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से कथित तौर पर सरकारी अधिकारियों के बारे में की गई उनकी टिप्पणियों को लेकर है। अदालत ने यह आदेश 3 अक्टूबर को 'राम निवास शर्मा बनाम श्रीमती रेखा गुप्ता' मामले में पारित किया।
एसएचओ को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश
अदालत बीएनएसएस 2023 की धारा-223 के तहत दर्ज शिकायत और धारा 175 (3) के तहत दिए गए आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने शिकायतकर्ता की बात सुनने और मामले का रिकॉर्ड देखने के बाद कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है। इस स्टेटस रिपोर्ट को जमा करने और उस पर विचार करने के लिए मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को तय की गई है।
सरकारी कार्यक्रम में बयान देने का आरोप
शिकायत के अनुसार, कथित टिप्पणियां 23 सितंबर 2025 को कश्मीरी गेट ISBT में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान की गईं। यह कार्यक्रम दिल्ली और यूपी के बड़ौत के बीच DTC की अंतर-राज्यीय बस सेवा शुरू करने के लिए आयोजित किया गया था। उस तारीख को दिल्ली-बड़ौत डीटीसी अंतर-राज्यीय एसी बस सेवा शुरू करने को लेकर कार्यक्रम था। इसी कार्यक्रम के दौरान सीएम रेखा गुप्ता की ओर से कथित टिप्पणी की गई थी।
क्या दिया था बयान?
कार्यक्रम के दौरान रेखा गुप्ता ने सरकारी अधिकारियों के कामकाज के बारे में बात करते हुए उनकी तुलना भगवान हनुमान से की। शिकायत में बताया गया है कि सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारे दिल्ली सरकार के अधिकारी हनुमान की तरह हैं। ये हनुमान तब कड़ी मेहनत करते हैं जब उनकी पूंछ में आग लगती है। उससे पहले, वे भूल जाते हैं।
सभी लोगों और आम जनता ने बयान को सुना
शिकायत में कहा गया है कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से बयान एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और जनता के सामने दिया गया। जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अधिकारियों के काम करने के तरीके पर बात कर रही थीं तब वहां मौजूद सभी लोगों और आम जनता ने इस बयान को सुना।
आरोपों पर नहीं निकाला कोई निष्कर्ष
यह शिकायत बीएनएसएस की धारा-223 के तहत दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही शिकायत के संबंध में निर्देश मांगने के लिए बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत एक आवेदन भी दिया गया है। हालांकि, अदालत ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। इस चरण में केवल दिल्ली पुलिस को स्थिति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता की ओर से वकील संजीत कुमार पेश हुए।


