VIP मूवमेंट में कम तैनात होंगी गाड़ियां; पीएम मोदी की अपील के बाद दिल्ली पुलिस का फैसला
दिल्ली पुलिस ने अपने कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री मोदी की फ्यूल बचाने की अपील के मद्देनजर दिल्ली पुलिस की ओर से कई आदेश जारी किए गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की फ्यूल बचाने की अपील के बाद दिल्ली पुलिस ने भी अपने कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट और मेट्रो का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। इसके लिए दिल्ली पुलिस की ओर से बाकायदा एक गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें गैर-जरूरी सरकारी खर्च और फ्यूल की खपत कम करने के लिए 13 उपाय बताए गए हैं। इसके तहत पुलिसकर्मियों को गाड़ियों की पूलिंग करने, रोजमर्रा की बैठकें वर्चुअल तरीके से करने और VIP काफिलों में गाड़ियों की संख्या कम करने को कहा गया है।
एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस मुख्यालय की जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच (GAB) ने निर्देशों का एक सेट जारी किया है। इसमें 13 उपाय शामिल किए गए हैं। इन उपायों का मकसद गैर-जरूरी वाहनों की आवाजाही कम करना, बिजली बचाना और फोर्स के सभी जिलों और खास यूनिट्स में सरकारी संसाधनों का किफायती इस्तेमाल सुनिश्चित करना शामिल है। उक्त 13 उपाय वरिष्ठ अधिकारियों की मंजूरी के बाद जारी किए गए हैं।
पुलिस उपायुक्त (जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ब्रांच, GAB) आलाप पटेल की ओर से जारी मेमोरेंडम में दिल्ली पुलिस की सुरक्षा टीमों को एक और बड़ा निर्देश मिला है कि वे VIP और VVIP के काफिलों में गाड़ियों की संख्या को थोड़ा कम करें। VIP और VVIP के काफिलों में केवल उतनी ही गाड़ियों का इस्तेमाल हो जितने की जरूरत हो।
VIP मूवमेंट में कम से कम गाड़ियों का करें इस्तेमाल
जारी दिशा-निर्देश में कहा गया है कि सुरक्षा टीमें VIP लोगों के आने-जाने के लिए कम से कम गाड़ियों का इस्तेमाल करेंगी। हालांकि यह भी ध्यान रखा जाएगा कि सुरक्षा में कोई कमी ना आने पाए। जिला पुलिस कमिश्नरों और बड़े अधिकारियों से कहा गया है कि वे समय-समय पर गाड़ियों के पेट्रोल-डीजल के खर्च की जांच करें। वे गाड़ियों का रिकॉर्ड रखें और देखें कि उनका इस्तेमाल कैसे हो रहा है, ताकि गाड़ियां केवल जरूरत पड़ने पर ही चलाई जाएं और फिजूलखर्ची न हो।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट का करें इस्तेमाल
मेमोरेंडम में यह भी कहा गया है कि जिन दफ्तरों के लिए मेट्रो या अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा है वहां रोजाना आवाजाही के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खासकर पुलिस मुख्यालय में तैनात कर्मचारियों को इसका पालन करना होगा। सर्कुलर में पुलिस स्टेशनों और यूनिट्स में डाक मोटरसाइकिलों एवं अन्य दोपहिया वाहनों की पूलिंग का निर्देश दिया गया है।
ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से करें बैठकें
जांच अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को जो एक ही पुलिस स्टेशन सब-डिवीजन या यूनिट से एक ही जगह पर जा रहे हैं निर्देश दिया गया है कि वे जहां तक हो सके एक साथ मिलकर एक ही गाड़ी का इस्तेमाल करें। इसमें यह भी निर्देश दिया गया है कि रोजाना की बैठकें और तालमेल से जुड़ी कॉन्फ्रेंस ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए की जाएं। आदेश में सभी सरकारी गाड़ियों की अच्छी देखभाल और तेल बचाने वाले मेंटेनेंस पर भी ध्यान देने को कहा गया है।
गाड़ियों की सर्विसिंग पर भी जोर
दिल्ली पुलिस की यूनिटों को कहा गया है कि वे समय पर गाड़ियों की सर्विसिंग करवाएं, टायरों में हवा का प्रेशर सही रखें, इंजन की ट्यूनिंग ठीक रखें, खराब हो चुके पार्ट्स को बदलें और पेट्रोल-डीजल के सिस्टम को समय-समय पर चेक करते रहें। इतना ही नहीं अधिकारियों से कहा गया है कि वे इस बात का ध्यान रखें कि जिन गाड़ियों की सर्विसिंग का समय हो गया है, उन्हें अधिक ना दौड़ाया जाए। गाड़ियों को मेंटेन करके तेल की फालतू बर्बादी को रोकने को कहा गया है।
पेट्रोल-डीजल का खर्च अचानक बढ़े तो करें जांच
इतना ही नहीं सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि यदि पेट्रोल-डीजल का खर्च अचानक बहुत ज्यादा बढ़ता है तो उसकी तुरंत जांच की जानी चाहिए। फोर्स के काम को बेहतर बनाने के लिए मौजूदा स्टाफ और सामान का पूरा इस्तेमाल किया जाए। अधिकारियों और कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि वे कागज का इस्तेमाल और उसका खर्च कम करने के लिए दफ्तरों में फालतू प्रिंटिंग न करें और कंप्यूटर या मोबाइल से बातचीत को बढ़ावा दें। सभी यूनिटों से कागजी कामकाज ऑनलाइन करने पर जोर देने को कहा गया है।
बिजली बचाने पर भी जोर
सभी अफसरों और कर्मचारियों को कहा गया है कि जरूरत नहीं होने पर फालतू लाइटें, पंखे और दूसरे बिजली के सामान बंद कर दें। जब भी एसी चलाएं तो कमरे का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच ही रखें। आदेश में साफ लिखा है कि सभी जिलों के डीसीपी और बड़े अफसर इस बारे में अपने इलाके में जरूरी नियम बनाएंगे और ध्यान रखेंगे कि सब लोग तुरंत इन बातों को मानें। यह आदेश 16 मई को जारी हुआ था और इसे सभी जिला और यूनिट के प्रमुखों के पास भेज दिया गया है।
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Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
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