
दिल्ली पुलिस ने DSEU की महिला लेक्चरर के यौन उत्पीड़न मामले में दर्ज की FIR, क्या हैं आरोप
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को सरकार के स्वामित्व वाले दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) की एक महिला लेक्चरर की शिकायत पर उत्पीड़न और वेतन में देरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर 7 जनवरी को दिल्ली की एक अदालत के आदेश पर दर्ज की गई।
दिल्ली पुलिस ने सोमवार को सरकार के स्वामित्व वाले दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) की एक महिला लेक्चरर की शिकायत पर उत्पीड़न और वेतन में देरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की। यह एफआईआर 7 जनवरी को दिल्ली की एक अदालत के आदेश पर दर्ज की गई।
महिला लेक्चरर की शिकायत पर द्वारका (साउथ) थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। अपनी शिकायत में महिला ने उसके सेवा रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाने, यौन और प्रशासनिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी द्वारा सैलरी बांटने का काम अपने हाथ में लेने के बाद पेमेंट में बार-बार देरी हुई, जिससे वह आर्थिक परेशानी में आ गई और उन्हें लोन चुकाने में डिफॉल्ट करना पड़ा और उन पर पेनल्टी लगी।
द्वारका कोर्ट ने 7 जनवरी को दिए एक आदेश में कहा कि आरोप संज्ञेय अपराध हैं और पुलिस को एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच करने का निर्देश दिया। पुलिस ने तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 509 (किसी महिला की गरिमा का अपमान करने के इरादे से शब्द, हावभाव, आवाज या कार्य) और 34 (सामान्य इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है।
वाइस चांसलर ने महिला लेक्चरर के आरोपों को किया खारिज
डीएसईयू के वाइस चांसलर अशोक नागवत ने महिला लेक्चरर के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और दावा किया कि शिकायत किसी गलत मकसद से की गई है।
नागवत ने बताया, ''हमें पता है कि शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई है। यह हम पर दबाव बनाने की कोशिश है। हम जल्द ही रिव्यू याचिका दायर करेंगे और अगर जरूरत पड़ी तो मानहानि का मामला भी दायर कर सकते हैं, क्योंकि आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।"
महिला ने क्या लगाए आरोप
शिकायत के अनुसार, 20 साल से अधिक समय से सेवारत एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी व लेक्चरर ने आरोप लगाया कि अक्टूबर 2023 से फरवरी 2024 के बीच उन्हें अपने बकाया वेतन और पेंडिंग रीइम्बर्समेंट के लिए बार-बार उत्पीड़न झेलना पड़ा। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि फरवरी 2024 में पुलिस से संपर्क करने के बावजूद कोई मामला दर्ज नहीं किया गया।
अप्रैल 2024 में यूनिवर्सिटी ने उन्हें सस्पेंड कर दिया, जिसे उन्होंने उन्हें चुप कराने के लिए बदले की कार्रवाई बताया। पीड़ित महिला ने कहा कि आंतरिक जांच के बाद 1 अक्टूबर 2024 को सस्पेंशन रद्द कर दिया गया।
एफआईआर के अनुसार, एक मुख्य आरोप उनकी पर्सनल फाइल और सर्विस बुक के रिकॉर्ड की स्थिति से संबंधित है, जो सैलरी, प्रमोशन और रिटायरमेंट लाभों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
डॉक्यूमेंट नष्ट करने का दावा
लेक्चरर ने दावा किया कि जब वह इन डॉक्यूमेंट्स को लेने के लिए यूनिवर्सिटी कैंपस गईं, तो उन्हें वह फटे हुए और क्षतिग्रस्त मिले और रिकॉर्ड नष्ट होने के डर से उन्होंने पुलिस को मदद के लिए बुलाया।
महिला लेक्चरर ने आरोप लगाया कि सीनियर अधिकारियों ने उन पर खराब रिकॉर्ड्स को स्वीकार करने का दबाव डाला और कहा कि अगर वह शिकायतें करती रहीं तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने डीएसईयू अधिकारियों पर आपराधिक साजिश, धमकी और सरकारी संपत्ति को जानबूझकर नष्ट करने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि सर्विस रिकॉर्ड को कोई भी नुकसान उनके वर्तमान और भविष्य के रोजगार को अपरिवर्तनीय रूप से प्रभावित कर सकता है।





