स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ नई FIR, पॉक्सो के साथ SC-ST एक्ट भी जोड़ा; दिल्ली पुलिस ने निभाया CJP से किया वादा
स्वतंत्र भारद्वाज ने कुछ दिन पहले पॉडकास्ट में किए खुद के द्वारा किए उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने राजनीतिक संपर्कों की वजह से गिरफ्तारी से बचने का दावा किया था।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के धरना प्रदर्शन के दौरान CJP समर्थक छात्रा निशू आजाद के पिता पर हमला हुआ था, और तब से ही इस हमले का मुख्य आरोपी और हिंदुत्व की विचारधारा से जुड़ा 'इन्फ्लुएंसर' स्वतंत्र भारद्वाज आजाद घूम रहा था। ऐसे में आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर CJP ने शुक्रवार को संसद मार्ग थाने का घेराव किया था। जिसके बाद पुलिस ने 72 घंटे में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया था। खास बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने कुछ ही घंटों में अपना वादा भी पूरा करके दिखा दिया है। इस दौरान पुलिस ने ना केवल यूपी के बुलंद शहर से आरोपी स्वतंत्र को हिरासत में ले लिया, बल्कि उसके ऊपर दर्ज मामले में पॉक्सो और SC-ST एक्ट की धारा भी जोड़ दी है। हालांकि पुलिस ने हत्या की कोशिश का मामला दर्ज करने पर कोई अपडेट नहीं दिया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) एक्ट के तहत एक नई FIR दर्ज की है, क्योंकि पीड़ित नाबालिग है। वहीं पहले से दर्ज FIR में 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति' (SC/ST) एक्ट भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वतंत्र भारद्वाज को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हिरासत में ले लिया था।
'पहचान से बचने के लिए पहन रखा था हेलमेट'
पुलिस सूत्रों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि भारद्वाज मोटरसाइकिल से नैथला गांव से निकला था और खुर्जा की ओर गया था। बताया जा रहा है कि इलाके से निकलते समय उसने हेलमेट पहना हुआ था, ताकि उसकी पहचान न हो सके। उसे खोजने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस की कई टीमें तैनात की गई थीं।
सौरव दास बोले- आगे की जानकारी जल्द ही दी जाएगी
उधर इस बारे में जानकारी देते हुए CJP नेता सौरव दास ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘#BREAKING: दिल्ली पुलिस ने गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज के मामले में POCSO के तहत एक नई FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई नाबालिग पीड़िता की नई शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। अब तक इसमें जो अन्य मुख्य धाराएं शामिल की गई हैं, वे जान से मारने की धमकी देने (आपराधिक डराने-धमकाने) के लिए BNS की धारा 351(3), महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और पीछा करने (स्टॉकिंग) के लिए धारा 78 और 79 और अश्लील सामग्री के लिए IT एक्ट की धारा 67। ’
पॉडकास्ट में डींगे हांकने के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस की यह कार्रवाई एक पॉडकास्ट को लेकर हुए विवाद के बाद हुई है, जिसमें भारद्वाज ने बड़े गर्व के साथ दावा किया था कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने निशू आजाद के पिता संजय कुमार पर हमला करते हुए उनका सिर फाड़ दिया था। उसके इन बयानों के बाद CJP ने उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को थाने का घेराव किया था।
पुलिस ने मांगे थे 72 घंटे, कार्रवाई करने का दिया था भरोसा
इस दौरान CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) प्रमुख और नगीना से सांसद चन्द्रशेखर आजाद के साथ संसद मार्ग थाने जाकर पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की थी, तब पुलिस ने उन्हें 72 घंटों के भीतर भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वतंत्र के खिलाफ हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी, पॉक्सो एक्ट और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अधिनियम के प्रावधानों को जोड़ने की मांग की थी। हमले के शिकार संजय कुमार की बेटी निशु को निशाना बनाकर दुष्कर्म की धमकियों, उत्पीड़न और आपत्तिजनक तस्वीरों के आरोप में एक अलग प्राथमिकी की भी मांग की गई थी।
इंटरव्यू में बड़ी-बड़ी डींगें हांक रहा था स्वतंत्र
यह पूरा विवाद स्वतंत्र भारद्वाज के इंटरव्यू की एक क्लिप वायरल होने के बाद शुरू हुआ था। खुद को 'कट्टर हिंदू' बताने वाले भारद्वाज को वीडियो में यह स्वीकार करते हुए देखा गया कि उसने प्रदर्शन के दौरान निशू आजाद के पिता संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ दी थी और अपराध की गंभीरता के बावजूद वह जेल जाने से बच गया था।
वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए भी सुना गया था, '...क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे। उस व्यक्ति को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था। उसकी बेटी थाने के बाहर खड़ी थी और कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला, तो वह आत्महत्या कर लेगी, लेकिन मुझे जेल तक नहीं भेजा गया। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।'
नए वीडियो में खुद को पीड़ित बताता दिखा शख्स
हालांकि शुक्रवार को सामने आए एक वीडियो में भारद्वाज ने किसी भी गलत काम करने से इनकार किया और कहा है कि लोगों के एक समूह से घिर जाने के बाद उसने आत्मरक्षा में संजय कुमार पर वार किया था। उसने दावा किया कि उसे पीट-पीटकर मॉब लिंचिंग किए जाने का डर था और कहा कि इसी दौरान जब उसने खुद को बचाने की कोशिश की, तो कुमार के सिर पर चोट लग गई थी। उसने संजय कुमार की चोटों की गंभीरता के दावों को भी गलत बताया और कहा कि वह जांच में सहयोग कर रहे हैं।
पॉडकास्ट क्लिप के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया
इन्फ्लुएंसर ने यह भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पॉडकास्ट की क्लिप के साथ छेड़छाड़ की गई है। उसने पॉडकास्ट में खुद के द्वारा किए उन दावों को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने राजनीतिक संपर्कों की वजह से गिरफ्तारी से बचने का दावा किया था। पॉडकास्ट में उसने भाजपा नेता कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को बड़े भाइयों की तरह बताया था, हालांकि शुक्रवार को सामने आए वीडियो में उसने कहा कि वो सारी बातें उसने व्यंग्यात्मक अंदाज में कही थीं, जिन्हें गलत समझा गया।


